Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन में रातभर हुए भीषण हमले, 7 लोगों की मौत और 21 घायल.

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। दोनों देशों के बीच रातभर चले खतरनाक ड्रोन और मिसाइल हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है और 21 लोग घायल हुए हैं। इस बात की जानकारी दोनों देशों के अधिकारियों ने दी है। तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलू ने रूसी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यूक्रेन ने रातभर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं। वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन ने यह आरोप लगाया है कि रूस ने उनके कई शहरों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं, जिससे आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
वोरोनिश क्षेत्र में हुआ भारी नुकसान
वोरोनिश क्षेत्र के गवर्नर अलेक्जेंडर गुसेव ने मीडिया को बताया कि आसमान में ड्रोन के मलबे नीचे गिरने की वजह से एक व्यक्ति की जान चली गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। नोवोउस्मान्स्की जिले में स्थित एक बड़ी कंपनी के दो बड़े गोदामों में इस हमले के बाद भयानक आग लग गई। गवर्नर गुसेव के मुताबिक, आग इतनी भयानक थी कि एक गोदाम करीब 16,000 वर्ग मीटर और दूसरा गोदाम करीब 20,000 वर्ग मीटर के बड़े इलाके में फैल गया। इसके अलावा ड्रोन के मलबे की चपेट में आने से तीन बड़े ट्रक और एक कार भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए।
जानकारी के मुताबिक ये गोदाम रूस की जानी-मानी ई-कॉमर्स कंपनी वाइल्डबेरीज के लॉजिस्टिक्स केंद्र बताए जा रहे हैं। कंपनी ने अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत अपने केंद्रों को खाली करवा लिया। बाद में कंपनी की तरफ से यह बयान आया कि आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है और उनके सामान को बहुत ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। वाइल्डबेरीज ने यह भी बताया कि प्रभावित केंद्रों से डिलीवरी का काम कुछ समय के लिए रोक दिया गया था और सारा सामान सुरक्षित रूप से दूसरे लॉजिस्टिक्स केंद्रों पर भेज दिया गया है। वहीं ओरेनबर्ग क्षेत्र के गवर्नर येवगेनी सोल्त्सेव ने जानकारी दी कि वहां एक औद्योगिक क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन का मलबा गिरा, जिससे आग तो लगी लेकिन गनीमत यह रही कि किसी के हताहत होने की कोई खबर सामने नहीं आई है।
रूसी रक्षा मंत्रालय का बड़ा दावा
दूसरी तरफ रूसी रक्षा मंत्रालय ने यह दावा किया है कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रूस और क्रीमिया के आसमान में कुल 396 यूक्रेनी ड्रोन सफलता पूर्वक मार गिराए हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि रूसी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कीव में नोवा पोश्ता टर्मिनल, एक लॉजिस्टिक्स केंद्र और ज़ापोरिज्जिया में बने एक स्टील प्लांट को निशाना बनाया है। रूस का यह आरोप है कि इन सभी ठिकानों का इस्तेमाल यूक्रेनी सेना अपनी सैन्य आपूर्ति और साजो-सामान को इधर-उधर भेजने के लिए करती थी।
ज़ापोरिज्जिया में सबसे ज्यादा तबाही
यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया क्षेत्र के गवर्नर इवान फेडोरोव ने बताया कि उनके शहर पर रूसी सेना ने मिसाइलों और निर्देशित हवाई बमों से एक बहुत बड़ा संयुक्त हमला किया। इस खतरनाक हमले में 6 लोगों की मौत हो गई और 19 लोग घायल हो गए। गवर्नर ने बताया कि इस तबाही में चार बड़ी अपार्टमेंट इमारतें और कई गैर-आवासीय परिसर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने यह दावा किया है कि इस बार के हमलों में रूस ने उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलों, जिरकॉन मिसाइलों और खतरनाक निर्देशित हवाई बमों का खुलकर इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि इन हमलों की वजह से देश के नागरिक बुनियादी ढांचे को बहुत भारी नुकसान पहुंचा है।
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, राजधानी कीव में हुए मिसाइल हमलों की वजह से एक संक्रामक रोग अस्पताल और कई बड़े कारोबारी प्रतिष्ठान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा खेरसॉन और खार्किव शहरों में बिजली के सब-स्टेशनों पर हमले हुए, जिसके बाद वहां की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। डोनेट्स्क, निप्रॉपेट्रोव्स्क और मायकोलाइव क्षेत्रों में भी रातभर लगातार हमले जारी रहने की खबरें मिली हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि अकेले रूस ने इस बार 120 से अधिक ड्रोन से हमला किया है, जिनमें से ज्यादातर ईरान में बने हुए शहेद ड्रोन थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह अपील की है कि वे रूस पर अपना दबाव और ज्यादा बढ़ाएं ताकि युद्ध को रोका जा सके।
लजिस्टिक्स केंद्रों को बनाया जा रहा है निशाना
आपको बता दें कि यूक्रेन की तरफ से रूस के अंदर मौजूद वाइल्डबेरीज के लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाने का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। यह पूरा अभियान जुलाई महीने के बीच में शुरू हुआ था और अब यह रूस के कई अलग-अलग क्षेत्रों तक पूरी तरह से फैल चुका है। मिली जानकारी के अनुसार 18 जुलाई से लेकर अब तक यूक्रेनी ड्रोन हमलों में वाइल्डबेरीज के 15 से अधिक लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाया जा चुका है। इन प्रभावित केंद्रों में मॉस्को, ताम्बोव, लेनिनग्राद, क्रास्नोडार, वोल्गोग्राड, स्टावरोपोल क्षेत्र और क्रीमिया के केंद्र भी शामिल बताए गए हैं। कीव का यह आरोप है कि वाइल्डबेरीज के ये लॉजिस्टिक्स केंद्र रूस की सैन्य आपूर्ति श्रृंखला में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं, जबकि मॉस्को और कंपनी का यह कहना है कि ये सभी केंद्र पूरी तरह से नागरिक और वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए बनाए गए हैं। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी आप अनादोलू समाचार एजेंसी के माध्यम से भी देख सकते हैं।