रूस के जनरल का बड़ा दावा, इसराइल मिडिल ईस्ट में बढ़ा रहा है तनाव और एक दिन खुद हो जाएगा खत्म

Aanya19 August 20263 min read62 viewsWorld
रूस के जनरल का बड़ा दावा, इसराइल मिडिल ईस्ट में बढ़ा रहा है तनाव और एक दिन खुद हो जाएगा खत्म

मध्य पूर्व यानी Middle East में चल रहे तनाव के बीच रूस के एक बड़े सैन्य अधिकारी ने बड़ा बयान दिया है। Russian Lieutenant General Apty Alaudinov ने दावा किया है कि इसराइल का मुख्य मकसद क्षेत्र में युद्ध को और ज्यादा भड़काना है। उन्होंने कहा कि इस रणनीति का उद्देश्य अमेरिका और नाटो को इस बड़े युद्ध में घसीटना है। यह जानकारी उन्होंने सरकारी समाचार एजेंसी TASS को दिए गए एक इंटरव्यू में साझा की है जो 19 अगस्त 2026 को सामने आई।

क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका का रुख

क्षेत्र में लगातार सैन्य हलचल बढ़ रही है और हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। 19 अगस्त 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपनी बातचीत करने वाली टीम को ईरान के साथ चल रही चर्चाओं को फिलहाल रोकने का निर्देश दिया है। अमेरिका का कहना है कि जब तक तेहरान किसी समझौते के लिए पूरी तरह तैयार नहीं होता, तब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। इसके साथ ही अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में पूरी तरह से नौसेना की नाकाबंदी लागू कर दी है और वहां बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने का काम भी शुरू कर दिया है।

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दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका जबरन ईरान को घुटने टेकने पर मजबूर करने में नाकाम रहने के बाद अब खुद उनकी शर्तों पर बातचीत करने के लिए कह रहा है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान ने आम जनता और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों की चिंता को भी बढ़ा दिया है। गल्फ देशों में काम करने वाले लोगों और भारत से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि ऐसे हालातों का असर सीधे तौर पर क्षेत्रीय सुरक्षा और उड़ानों पर पड़ता है।

सीरियाई एयर बेस पर हमले और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इसी बीच इसराइल ने सीरिया के एक एयर बेस पर हवाई हमले किए हैं। इसराइल का कहना है कि उसके पास खुफिया जानकारी थी कि तुर्की इस जगह पर अपनी सेना तैनात करने की योजना बना रहा था। हालांकि, अमेरिका ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में कई बार सैन्य कार्रवाई हो चुकी है। इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान पर सैन्य कार्रवाई की थी। इसके बाद जून महीने में अमेरिका और ईरान के बीच कुछ समय के लिए एक समझौता हुआ था, जो ज्यादा समय तक नहीं टिक सका।

हालात तब और बिगड़ गए जब 8 जुलाई को होर्मुज जलडमरूमध्य में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अमेरिका ने ईरान पर फिर से हवाई हमले किए। इसके बाद 2 अगस्त को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर एक बड़ा हमला करने का फैसला टाल दिया था, क्योंकि तेहरान और कई अरब देशों की राजधानियों की तरफ से ऐसा अनुरोध किया गया था। रूसी जनरल के इन तीखे बयनों पर अभी तक इसराइल सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी के लिए आप ANI News पर जा सकते हैं।

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