Saudi Arabia Wage Enforcement: सऊदी अरब में अनिश्चितकालीन कॉन्ट्रैक्ट वालों के लिए नया नियम लागू, अब सैलरी न मिलने पर सीधे कोर्ट जा सकेंगे प्रवासी.

Nura Basta8 August 20262 min read83 viewsSaudi
Saudi Arabia Wage Enforcement: सऊदी अरब में अनिश्चितकालीन कॉन्ट्रैक्ट वालों के लिए नया नियम लागू, अब सैलरी न मिलने पर सीधे कोर्ट जा सकेंगे प्रवासी.

सऊदी अरब की सरकार ने श्रम बाजार में पारदर्शिता लाने और कामगारों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सऊदी अरब ने अपने वेज क्लॉज एनफोर्समेंट इनिशिएटिव का तीसरा चरण आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया है, जो 6 अगस्त 2026 से पूरी तरह लागू हो गया है। इस नए नियम के दायरे में अब वे सभी कर्मचारी आ गए हैं जो अनिश्चितकालीन अनुबंध यानी indefinite-term contracts पर काम कर रहे हैं। इस बदलाव के बाद अब रोजगार अनुबंध में शामिल वेतन खंड को एक कार्यकारी दस्तावेज का दर्जा मिल गया है, जिससे सीधे प्रवर्तन कार्रवाई करना संभव हो गया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों प्रवासियों और भारतीय कामगारों के लिए यह खबर बेहद राहत भरी है क्योंकि अब समय पर वेतन मिलना और भी ज्यादा सुनिश्चित हो गया है।

सैलरी न मिलने पर सीधे डिजिटल शिकायत का अधिकार

नए नियमों के अनुसार यदि अनिश्चितकालीन अनुबंध पर काम करने वाला कोई भी कर्मचारी अपनी नियत तारीख के 30 दिन के भीतर पूरा वेतन प्राप्त नहीं करता है, तो वह सीधे इलेक्ट्रॉनिक रूप से कार्यान्वयन अनुरोध यानी implementation request जमा करने का हकदार बन जाता है। इन सभी अनुरोधों को न्याय मंत्रालय के अधीन आने वाले Najez प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रोसेस किया जाता है। इस पूरी डिजिटल व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए यह बेहद जरूरी है कि रोजगार अनुबंध मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय यानी MHRSD द्वारा संचालित Qiwa प्लेटफॉर्म के माध्यम से ठीक से प्रमाणित और सत्यापित हों। इसके अलावा वेतन का सत्यापन स्वचालित रूप से Madad प्लेटफॉर्म के जरिए किया जाता है, जिससे अधिकांश मामलों में अलग से किसी भी प्रकार के कागजात या दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता खत्म हो जाती है।

वेतन विवादों का झटपट समाधान और नियोक्ताओं के लिए चेतावनी

इस नई पहल की वजह से वेतन से जुड़े विवादों को सुलझाने की प्रक्रिया बेहद आसान हो गई है, जिससे कर्मचारियों को पुराने और लंबे श्रम विवाद चैनलों से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ती है। अब कामगार सीधे प्रवर्तन अदालतों में अपने दावे फाइल कर सकते हैं। जैसे ही किसी नियोक्ता को इस प्रवर्तन अनुरोध की सूचना मिलती है, उसे केवल 5 दिन का समय मिलता है। इस पांच दिन की अवधि के भीतर या तो नियोक्ता को दावे पर आपत्ति जतानी होती है या फिर बकाया भुगतान का निपटान करना पड़ता है। मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने न्याय मंत्रालय के साथ मिलकर रोजगार अनुबंधों के कानूनी पक्ष को मजबूत करने के लिए यह अहम कदम उठाया है ताकि पूरे किंगडम में समय पर सैलरी मिलने की आदत को बढ़ावा मिल सके। सभी नियोक्ताओं को यह सलाह दी गई है कि वे Qiwa अनुबंधों में दर्ज वेतन की रकम को बिल्कुल सटीक रखें और समय पर भुगतान करें ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

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