Saudi Arabia Aid: यमन के लिए सऊदी अरब का बड़ा आर्थिक सहयोग, संयुक्त राष्ट्र में दी गई पूरी जानकारी.

Nura Basta19 August 20262 min read66 viewsYemen
Saudi Arabia Aid: यमन के लिए सऊदी अरब का बड़ा आर्थिक सहयोग, संयुक्त राष्ट्र में दी गई पूरी जानकारी.

यमन की सरकारी व्यवस्था को बचाए रखने के लिए सऊदी अरब की तरफ से लगातार मदद दी जा रही है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यमन के स्थायी प्रतिनिधि Abdullah Al-Saadi ने गुरुवार को साफ किया कि सऊदी अरब का राजनीतिक, आर्थिक और मानवीय सहयोग यमन के लिए एक जीवन रेखा की तरह है। उन्होंने हूती विद्रोहियों और उनके समर्थकों पर क्षेत्रीय शांति को बिगाड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बनी हुई हैं और आम जनता की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

सऊदी अरब की तरफ से भारी-भरकम आर्थिक मदद का ऐलान

सऊदी अरब के किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के आदेश पर 19 अगस्त 2026 को लगभग $368 million यानी करीब तीन करोड़ अड़सठ लाख डॉलर के नए आर्थिक समर्थन का ऐलान किया गया था। इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवा, ईंधन की आपूर्ति और सरकारी बजट की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है। इस पूरी फंडिंग को Yemen Development and Reconstruction Program के माध्यम से सही जगह पर पहुंचाया जा रहा है ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

साल 2025 और 2026 में सऊदी अरब का बड़ा योगदान

सऊदी विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में सऊदी अरब यमन को सबसे ज्यादा मानवीय सहायता देने वाला देश था, जिसने कुल मदद का 49.3 percent हिस्सा अकेले प्रदान किया था। इसके अलावा, साल 2026 की शुरुआत से ही Saudi Development and Reconstruction Program for Yemen (SDRPY) के जरिए $150 million का पेट्रोलियम समर्थन और SR1.9 billion बुनियादी ढांचे, विकास परियोजनाओं और सरकारी कर्मचारियों के वेतन के लिए दिए गए हैं। इन पैसों से वहां के सार्वजनिक क्षेत्र के कामकाज को चलाने में बहुत मदद मिल रही है।

सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताएं और क्षेत्रीय तनाव

इस बीच क्षेत्रीय सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गई है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता Stéphane Dujarric ने 18 अगस्त 2026 को सऊदी अरब के जाजान शहर में अरामको रिफाइनरी पर हुए हूती ड्रोन हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी हरकतें यमन को एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की तरफ धकेल सकती हैं। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Hans Grundberg नागरिकों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहे हैं और लाल सागर तथा अदन की खाड़ी में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमलों को रोकने की अपील कर रहे हैं। दूसरी तरफ, यमन की सरकारी सेना ने भी मारिब और हद्रमूत गवर्नरट में हूती ठिकानों के खिलाफ अपने अभियानों को तेज कर दिया है।

Share:

Comments

Leave a comment