सऊदी अरब और कुवैत का बड़ा कदम, अर्थव्यवस्था और प्लानिंग को मजबूत करने के लिए हुआ नया समझौता.

Praggya Singh sabal23 August 20262 min read59 viewsSaudi
सऊदी अरब और कुवैत का बड़ा कदम, अर्थव्यवस्था और प्लानिंग को मजबूत करने के लिए हुआ नया समझौता.

सऊदी अरब और कुवैत ने मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है जिसके तहत दोनों देशों ने अर्थव्यवस्था और प्लानिंग के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ाने के लिए एक अहम समझौते पर मुहर लगाई है। 10 नवंबर 2025 को रियाद में हुई सऊदी-कुवैती कोऑर्डिनेशन काउंसिल की तीसरी बैठक के दौरान इस व्यापक समझौते पर सहमति बनी थी। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच के रणनीतिक रिश्तों को और ज्यादा मजबूत करना है ताकि आने वाले समय में आर्थिक विकास को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

बैठक में शामिल हुए बड़े अधिकारी

इस महत्वपूर्ण काउंसिल की बैठक की सह-अध्यक्षता सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्लाह अली अल-यह्या ने की थी। इसके बाद इस समझौते पर आधिकारिक तौर पर सऊदी अरब के अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मामलों के उप मंत्री इंजीनियर रकान ताराबजोनी और कुवैत के तेल मंत्रालय के अवर सचिव और सुप्रीम काउंसिल फॉर प्लानिंग एंड डेवलपमेंट के सचिवालय के प्रतिनिधि शेख डॉ. निमेर बिन फहद अल-मलेक अल-सबाह ने हस्ताक्षर किए। इस बारे में अधिक जानकारी आप MEP आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

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समझौते के सात मुख्य बिंदु

इस एमओयू के तहत कुल सात प्रमुख क्षेत्रों पर मिलकर काम करने की रूपरेखा तैयार की गई है। इसमें मध्यम और लंबी अवधि की आर्थिक प्लानिंग, आर्थिक अध्ययन और मॉडलिंग, आर्थिक नीतियां, और आर्थिक योजनाओं की गवर्नेंस शामिल है। इसके अलावा ज्ञान का आदान-प्रदान, आर्थिक मीडिया, आर्थिक नेतृत्व का विकास, ग्रीन, सर्कुलर और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना तथा 2030 के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मिलकर प्रयास करना भी इस समझौते का अहम हिस्सा है।

अनुसंधान और विशेषज्ञ विनिमय पर जोर

इन सभी उद्देश्यों को जमीन पर उतारने के लिए दोनों सरकारें लगातार जानकारी, विशेषज्ञता और रिसर्च का आदान-प्रदान करेंगी। इस ढांचे के जरिए दोनों देशों के विशेषज्ञों और जानकारों के बीच आपसी दौरे भी आसान होंगे ताकि वे एक-दूसरे के अनुभवों से सीख सकें। साथ ही संयुक्त सम्मेलनों, सेमिनारों और Workshops का आयोजन भी किया जाएगा। इन तमाम पहलों का मुख्य मकसद दोनों देशों की राष्ट्रीय आर्थिक विविधीकरण रणनीतियों को पूरा समर्थन देना है, जिससे वहां काम करने वाले लोगों और प्रवासियों के लिए भी भविष्य में नए अवसर बन सकें।

बढ़ता आपसी सहयोग

यह नया विकास दोनों देशों के बीच बढ़ते मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की एक और कड़ी है। इससे पहले सऊदी कैबिनेट ने 18 अगस्त 2026 को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के क्षेत्र में सहयोग से जुड़े एक अलग समझौते को भी मंजूरी दी थी। इन तमाम कदमों से साफ है कि खाड़ी के ये दोनों देश आर्थिक मोर्चे पर एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों और व्यापार से जुड़े लोगों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। इस संबंध में पूरी आधिकारिक जानकारी MEP की आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई है।

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