Saudi Arabia: कमर्शियल कंसीलमेंट के खिलाफ सख्ती, जुलाई महीने में 5,300 दुकानों पर हुई छापेमारी

सऊदी अरब में व्यापार को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सरकार ने अपना अभियान तेज कर दिया है। सऊदी नेशनल प्रोग्राम फॉर कम्बेटिंग कमर्शियल कंसीलमेंट (TASATTUR) ने हाल ही में जानकारी दी है कि जुलाई 2026 में उन्होंने पूरे देश में करीब 5,300 निरीक्षण अभियान चलाए। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद उन लोगों की पहचान करना है जो अवैध तरीके से कमर्शियल कंसीलमेंट यानी छद्म व्यापार में शामिल हैं।
छापेमारी में क्या मिला
जुलाई के महीने में की गई इन सख्त जांचों के दौरान अधिकारियों ने 130 ऐसे मामलों की पहचान की है जहां कमर्शियल कंसीलमेंट का संदेह है। इन निरीक्षणों का दायरा काफी बड़ा था, जिसमें होटल, ट्रेवल और टूरिज्म एजेंसियां, कैफेटेरिया और पुरुषों के रेडीमेड कपड़ों की दुकानें मुख्य रूप से शामिल थीं। मंत्रालय का मानना है कि इन क्षेत्रों में व्यापार की शुद्धता बनाए रखना बहुत जरूरी है ताकि बाजार में सभी को बराबरी का मौका मिल सके।
यह पूरा अभियान सऊदी अरब के Ministry of Commerce की निगरानी में चल रहा है। इसमें Ministry of Interior और General Authority for Zakat, Tax and Customs समेत 10 से ज्यादा सरकारी संस्थाएं एक साथ मिलकर काम कर रही हैं। इससे पहले जून 2026 में भी सरकार ने 4,501 निरीक्षण किए थे, जिसमें 104 संदिग्ध मामले पकड़े गए थे।
क्यों जरूरी है यह सख्त कार्रवाई
कमर्शियल कंसीलमेंट सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। अनुमान के मुताबिक, इस गैर-कानूनी गतिविधि की वजह से शैडो इकोनॉमी में हर साल 300 से 400 बिलियन सऊदी रियाल का नुकसान हो रहा है। इसका सबसे बुरा असर छोटे और मध्यम स्तर के उन कारोबारियों पर पड़ता है जो ईमानदारी से अपना काम करना चाहते हैं।
सऊदी सरकार ने इस अपराध को रोकने के लिए बहुत कड़े कानून बनाए हैं। दोषियों को 5 साल तक की जेल, 5 मिलियन सऊदी रियाल तक का जुर्माना, अवैध कमाई की जब्ती और व्यापार बंद करने जैसे दंड दिए जा सकते हैं। अगर कोई दोषी प्रवासी है, तो उसे सजा काटने के बाद डिपोर्ट यानी देश निकाला भी दिया जा सकता है। अपनी सख्ती को दर्शाते हुए, 3 अगस्त 2026 को मंत्रालय ने उन 60 व्यक्तियों और संस्थानों के नाम सार्वजनिक किए जो इस अपराध के लिए दोषी पाए गए थे। सरकार के इन कदमों से व्यापारिक वातावरण में सुधार आने की उम्मीद है।