Saudi Arabia: कोलंबिया के फैसले पर सऊदी अरब ने जताई कड़ी आपत्ति, सीरियाई गोलान पर इस्राइल की संप्रभुता को दी मान्यता का किया विरोध.

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कोलंबिया द्वारा सीरिया के कब्जे वाले गोलान पर इस्राइल की संप्रभुता को मान्यता देने के फैसले की कड़ी निंदा की है। रियाद ने स्पष्ट किया है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय वैधता के प्रासंगिक प्रस्तावों के पूरी तरह खिलाफ है। सऊदी सरकार का मानना है कि इस तरह के रुख से क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयासों को कोई मदद नहीं मिलती है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों का उल्लंघन
सऊदी अरब ने इस बात पर जोर दिया कि कोलंबिया की यह मान्यता संयुक्त राष्ट्र के नियमों, विशेष तौर पर 1981 में जारी किए गए Security Council Resolution No. 497 का साफ तौर पर उल्लंघन करती है। उस समय इस प्रस्ताव में यह घोषित किया गया था कि इस्राइल द्वारा कब्जा किए गए सीरियाई गोलान पर अपने कानूनों और प्रशासन को थोपना पूरी तरह से अवैध और शून्य है, जिसका कोई कानूनी असर नहीं होता है।
सऊदी अरब का पुराना और स्पष्ट रुख
देश के विदेश मंत्रालय ने अपनी स्थिति को दोहराते हुए कहा कि गोलान हमेशा से ही कब्जा किया हुआ सीरियाई अरब क्षेत्र रहा है। कानूनी स्थिति को बदलने के लिए किए जाने वाले किसी भी फैसले से कोई नया अधिकार या वैधता नहीं मिलती है। रियाद ने कोलंबिया सरकार से अपील की है कि वह अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करे। सऊदी अरब ने कहा कि कोलंबिया को अंतरराष्ट्रीय कानून और शांति के प्रस्तावों का समर्थन करना चाहिए ताकि क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता कायम रह सके।