Saudi Arabia News: सऊदी क्राउन प्रिंस और CENTCOM चीफ की हुई खास मुलाकात, रक्षा सहयोग और सुरक्षा पर हुई बात

Praggya Singh sabal23 August 20262 min read81 viewsSaudi
Saudi Arabia News: सऊदी क्राउन प्रिंस और CENTCOM चीफ की हुई खास मुलाकात, रक्षा सहयोग और सुरक्षा पर हुई बात

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने गुरुवार, 14 अगस्त 2026 को अमेरिका के सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के प्रमुख एडमिरल Brad Cooper के साथ एक अहम बैठक की। इस उच्च स्तरीय मुलाकात का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करना और मध्य पूर्व क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना था। सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने इस दौरान क्षेत्रीय तनाव को कम करने और आपसी सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई जरूरी मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। इस बातचीत का पूरा फोकस अमेरिका और सऊदी अरब की पुरानी और मजबूत रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा हालात की समीक्षा करना था।

क्षेत्रीय भू-राजनीतिक बदलाव और सीरिया का मुद्दा

यह महत्वपूर्ण बैठक ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी और आसपास के इलाकों में बड़े भू-राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। बीते 22 अगस्त 2026 को सऊदी अरब और जॉर्डन ने मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया था। इस बयान में दमिश्क के पास सीरियाई आंतरिक सुरक्षा बलों की बस पर हुए एक सड़क बम धमाके की कड़ी निंदा की गई थी। दोनों देशों ने सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और वहां स्थिरता बनाए रखने के लिए अपना पूरा समर्थन दोहराया था। इसके अलावा, 23 अगस्त 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान को हाल ही में बने मक्का डिफेंस अलायंस में शामिल होने का न्योता दिया गया है। यह नया रक्षा समझौता 7 अगस्त 2026 को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हस्ताक्षर किया गया था।

मक्का डिफेंस अलायंस और ईरान की प्रतिक्रिया

इस नए Mecca Joint Defence Agreement में नाटो के आर्टिकल 5 की तरह ही आपसी रक्षा का नियम शामिल किया गया है। इसका मतलब यह है कि अगर संगठन के किसी भी एक सदस्य देश पर हमला होता है, तो उसे सभी सदस्यों पर हमला माना जाएगा। हालांकि तुर्की के अधिकारियों का कहना है कि यह अलायंस पूरी तरह से रक्षात्मक है और इसका मकसद सामूहिक सुरक्षा को बढ़ावा देना है, लेकिन ईरानी सांसदों ने इस समझौते को खारिज कर दिया है। ईरानी संसद के सदस्यों ने इस समझौते को एक 'पेपर एग्रीमेंट' बताया है और कहा है कि यह सऊदी अरब की सुरक्षा की गारंटी देने में सक्षम नहीं है। क्राउन प्रिंस और एडमिरल कूपर के बीच हुई यह बातचीत यह दिखाती है कि मौजूदा समय में क्षेत्रीय अस्थिरता और जटिल कूटनीतिक बदलावों के बीच अमेरिका और सऊदी अरब के बीच रक्षा तालमेल कितना जरूरी बना हुआ है।

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