Saudi Arabia Property Rules: सऊदी अरब में संपत्ति खरीदने के बाद भी एंट्री वीज़ा है जरूरी, नया कानून लागू.

सऊदी अरब में विदेशी नागरिकों के लिए प्रॉपर्टी खरीदने को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। सऊदी न्यूज़ 50 की एक आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, जो लोग सऊदी अरब में रियल एस्टेट यानी जमीन और मकान के मालिक हैं, वे देश में प्रवेश करने के लिए वीज़ा की अनिवार्यता से बिल्कुल भी छूट प्राप्त नहीं करते हैं। यानी प्रॉपर्टी होने मात्र से आपको बिना वीज़ा एंट्री नहीं मिलेगी।
नया कानून और जरूरी शर्तें
सऊदी अरब सरकार ने देश में विदेशियों के लिए संपत्ति खरीदने के नियमों को आसान बनाते हुए एक नया कानूनी ढांचा लागू किया है, जिसे Law of Real Estate Ownership by Non-Saudis कहा जाता है। यह नया कानून आधिकारिक तौर पर 22 जनवरी 2026 को लागू हुआ था, जबकि इसके नियम 23 जून 2026 से पूरी तरह से काम करना शुरू कर चुके हैं। इन नए नियमों के तहत बाहरी देशों के नागरिकों और कंपनियों को तय इलाकों में प्रॉपर्टी खरीदने की अनुमति दी गई है। हालांकि, इसके लिए कई कड़े नियमों का पालन करना भी जरूरी कर दिया गया है।
अगर कोई विदेशी नागरिक सऊदी अरब में बिना वहां रहे प्रॉपर्टी खरीदना चाहता है, तो उसे सबसे पहले गृह मंत्रालय (Ministry of Interior) से डिजिटल पहचान यानी डिजिटल आइडेंटिटी बनवानी होगी। इसके अलावा सऊदी बैंक में खाता खोलना और सऊदी का मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करना भी अनिवार्य है। वीज़ा आवेदन की प्रक्रिया आमतौर पर सऊदी दूतावास या वाणिज्य दूतावास के जरिए डिजिटल पहचान मिलने से पहले शुरू की जाती है।
प्रीमियम रेजिडेंसी और वीज़ा का अंतर
भले ही इस नए कानून से विदेशियों के लिए सऊदी अरब में संपत्ति खरीदना आसान हुआ है, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि केवल प्रॉपर्टी खरीद लेने से किसी को कोई अतिरिक्त अधिकार या छूट नहीं मिल जाती है। इसका असर प्रीमियम रेजिडेंसी प्रोग्राम (Premium Residency Program) जैसे अन्य कार्यक्रमों पर नहीं पड़ता है।
रियल एस्टेट जनरल अथॉरिटी (REGA) विदेशियों द्वारा खरीदी जाने वाली संपत्तियों पर पूरी नजर रखती है और इसके लिए Saudi Properties नाम का डिजिटल प्लेटफॉर्म भी बनाया गया है। हालांकि संपत्ति खरीदना प्रीमियम रेजिडेंसी पाने का एक जरिया जरूर बन सकता है, लेकिन रेजिडेंसी अपने आप में एक अलग प्रोग्राम है जिसके नियम अलग हैं। प्रीमियम रेजिडेंसी मिलने के बाद ही देश में आने-जाने की पूरी छूट मिलती है और यह अधिकार केवल प्रॉपर्टी खरीदने से अपने आप नहीं मिलता है।