Saudi Arabia: भारत से आने वाले लोहे के पाइप पर सऊदी सरकार का बड़ा फैसला, लगाए गए नए टैक्स

Sushma Kumari4 August 20262 min read95 viewsSaudi
Saudi Arabia: भारत से आने वाले लोहे के पाइप पर सऊदी सरकार का बड़ा फैसला, लगाए गए नए टैक्स

सऊदी अरब ने भारत से आयात होने वाले डक्टाइल आयरन पाइप यानी लोहे के पाइपों पर कड़े व्यापारिक नियम लागू किए हैं। सऊदी के वाणिज्य मंत्री Dr. Majid bin Abdullah Al-Qasabi ने भारत से आने वाले इन पाइपों पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह फैसला उन पाइपों पर लागू होगा जिनका व्यास 100 मिमी से 1,000 मिमी के बीच है और जो विशिष्ट तकनीकी मानकों जैसे K9 और C Class से C40 के अंतर्गत आते हैं।

इस फैसले का असर और कारण

सऊदी सरकार का यह कदम वहां के घरेलू बाजार को अनुचित व्यापारिक प्रथाओं से बचाने के लिए उठाया गया है। ये पाइप आमतौर पर पानी के वितरण नेटवर्क, सीवेज सिस्टम, सिंचाई परियोजनाओं और फायर फाइटिंग सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों में इस्तेमाल किए जाते हैं। सऊदी सरकार की ओर से गठित General Authority of Foreign Trade (GAFT) ने लंबी जांच-पड़ताल के बाद यह फैसला लिया है। जांच की शुरुआत 23 जुलाई 2025 को हुई थी और अब इसकी अंतिम रिपोर्ट के आधार पर यह शुल्क लागू कर दिया गया है।

कितना लगेगा शुल्क और कब से प्रभावी है

सऊदी सरकार के आदेशानुसार, Zakat, Tax and Customs Authority (ZATCA) को इन पाइपों पर 16.96 प्रतिशत से लेकर 29.94 प्रतिशत तक का शुल्क वसूलने का निर्देश दिया गया है। यह नया नियम 4 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गया है और अगले पांच वर्षों तक लागू रहेगा। इस निर्णय को सऊदी के आधिकारिक गजट 'उम्म अल-कुरा' (Umm Al-Qura) में भी प्रकाशित किया गया है ताकि संबंधित व्यापारियों को इसकी जानकारी मिल सके।

सऊदी सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य अपनी स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को मजबूत करना और विदेशी व्यापार में सऊदी अरब के हितों की रक्षा करना है। यह कदम वहां के राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देने की नीति का हिस्सा है। जो लोग या कंपनियां इस बारे में अधिक जानकारी चाहती हैं, वे General Authority of Foreign Trade की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पब्लिक नोटिस और विस्तृत जानकारी देख सकती हैं। भारत से निर्यात करने वाले व्यापारियों को अब सऊदी बाजार में माल भेजने से पहले इन नए टैक्स स्लैब का ध्यान रखना होगा क्योंकि यह सीधा उनके मुनाफे और व्यापार की लागत को प्रभावित करेगा।

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