Saudi Arabia पर ड्रोन अटैक: जिजान रिफाइनरी पर हुआ हमला, हूती ने ली जिम्मेदारी

सऊदी अरब के जिजान प्रांत में स्थित सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको की रिफाइनरी पर एक बड़ा ड्रोन हमला हुआ है। इस हमले की जिम्मेदारी यमन के हूती (अंसार अल्लाह) संगठन ने आधिकारिक रूप से ले ली है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।
यमन के हमलों का दिया हवाला
लेबनान की राजधानी बेरूत से संचालित हूती के नियंत्रण वाले अल मसीराह टीवी पर जारी किए गए बयान में इस हमले की पुष्टि की गई है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने टेलीग्राम पर जारी अपने बयान में बताया कि यह कार्रवाई यमन के सादा और हज्जा प्रांतों में हुए सऊदी ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है। विद्रोहियों ने इस बार भी अपनी पुरानी रणनीति का इस्तेमाल करते हुए सीधे तौर पर इस महत्वपूर्ण ऊर्जा सुविधा को निशाना बनाया।
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय और अधिकारियों का बयान
हूती संगठन की ओर से जिम्मेदारी लेने से पहले सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी किया था। मंत्रालय ने बताया था कि लाल सागर के जिजान बंदरगाह में स्थित सऊदी अरामको रिफाइनरी की एक सुविधा में सुबह अचानक आग लग गई थी। हालांकि, मुस्तैद अग्निशमन कर्मियों ने समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया और स्थिति को संभाल लिया। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC ने इस प्रकार के हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र के इस कदम का खुले दिल से स्वागत किया है। इसके साथ ही सऊदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एक बार फिर अपील की है कि वे हूती विद्रोहियों के खिलाफ कड़ा और सख्त रुख अपनाएं ताकि इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
सऊदी अरामको कंपनी और उसकी क्षमता
सऊदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा मुनाफे वाली ऊर्जा कंपनियों में से एक है। इसका मुख्यालय सऊदी अरब के धाहरान शहर में स्थित है। कंपनी के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल भंडार और उत्पादन तंत्र मौजूद है। वर्तमान समय में इस कंपनी का बाजार मूल्य भारतीय मुद्रा के हिसाब से लगभग 162 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। कंपनी की बिना रुके अधिकतम तेल उत्पादन क्षमता करीब 12 मिलियन बैरल प्रतिदिन है, जिसे वह बिना किसी अतिरिक्त निवेश के एक साल तक लगातार बनाए रख सकती है।