सऊदी अरब का बड़ा फैसला, समुद्री सुरक्षा के लिए बनाई नई डिफेंस एलायंस, भारत समेत 14 देश हुए शामिल

Sushma Kumari5 August 20262 min read89 viewsSaudi
सऊदी अरब का बड़ा फैसला, समुद्री सुरक्षा के लिए बनाई नई डिफेंस एलायंस, भारत समेत 14 देश हुए शामिल

Saudi Arabia ने समुद्र में बढ़ते खतरों को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। सऊदी कैबिनेट ने आधिकारिक तौर पर एक मल्टीनेशनल मैरीटाइम डिफेंस एलायंस यानी समुद्री सुरक्षा गठबंधन में शामिल होने का स्वागत किया है। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना और व्यापारिक रास्तों को समुद्री हमलों से बचाना है। यह पहल 5 अगस्त 2026 को सामने आई, जिसके तहत सऊदी अरब को इस एलायंस का संस्थापक देश और मुख्यालय बनाया गया है।

समुद्री सुरक्षा के लिए नई रणनीति

Multinational Maritime Defense Alliance (MMDA) की औपचारिक घोषणा 30 जुलाई 2026 को हुई थी। इस सुरक्षा घेरे का सबसे बड़ा काम Bab el-Mandeb Strait, Red Sea और Gulf of Aden जैसे संवेदनशील इलाकों में समुद्री व्यापार की रक्षा करना है। चूंकि इन रास्तों से दुनिया भर का तेल और सामान गुजरता है, इसलिए सऊदी अरब ने यहां एक मजबूत सुरक्षा तंत्र बनाने का फैसला किया है। इसके लिए सऊदी अरब में एक Joint Command, Command and Control Center और Combined Maritime Operations Center स्थापित किया जाएगा।

कौन-कौन से देश हैं शामिल

इस महत्वपूर्ण एलायंस में Saudi Arabia, Kuwait, Bahrain, Qatar, Pakistan, Türkiye, Egypt, Jordan, Yemen, Bangladesh, Nigeria, Sudan, Djibouti और Somalia जैसे कुल 14 देश शामिल हुए हैं। इस गठबंधन की शुरुआती मीटिंग में कुल 51 आमंत्रित देशों में से 43 देशों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समुद्री सुरक्षा को लेकर सभी देश काफी गंभीर हैं।

क्यों पड़ी इस गठबंधन की जरूरत

पिछले कुछ समय से यमन के Houthi rebels द्वारा समुद्री जहाजों और तेल टैंकरों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों के कारण लाल सागर से होने वाले व्यापार पर बुरा असर पड़ा है और कई देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यह डिफेंस एलायंस काम करेगा। यह एलायंस खुफिया जानकारी साझा करने, संयुक्त सैन्य अभ्यास और ट्रेनिंग पर ध्यान देगा, ताकि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करते हुए समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखा जा सके। इस बारे में अधिक जानकारी news on air की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

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