Saudi Arabia और Kuwait के बीच हुआ बड़ा समझौता, पब्लिक-PRIVATE पार्टनरशिप को मिलेगा बढ़ावा.

सऊदी अरब और कुवैत के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। सऊदी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने 18 अगस्त 2026 को जेद्दा में हुई एक बैठक के दौरान कुवैत सरकार के साथ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी (PPP) में सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी है। इस बैठक की अध्यक्षता खुद दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक राजा सलमान बिन अब्दुलअजियत अल सऊद ने की थी। इस समझौते से दोनों देशों के बीच विकास के कामों में तेजी आएगी और काम करने का तरीका और बेहतर होगा।
समझौते से जुड़ी मुख्य बातें और पुराना इतिहास
यह समझौता मूल रूप से रियाद में 10 नवंबर 2025 को साइन किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों पड़ोसी देशों के बीच विधाई और तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। दोनों देशों की तरफ से अधिकारियों ने इस पर हस्ताक्षर किए थे जिसमें सऊदी नेशनल सेंटर फॉर प्राइवेटाइजेशन के सीईओ Muhannad Basudan और कुवैत के वित्त मंत्रालय की अंडरसेक्रेटरी Aseel Sulaiman Al-Munifi शामिल थीं। इसके बाद कुवैत सरकार ने 8 मार्च 2026 को जारी एक अमीरी डिक्री के जरिए इस पर अपनी पक्की मुहर लगा दी थी। इस बारे में अधिक जानकारी Saudi Press Agency (SPA) की आधिकारिक वेबसाइट पर भी दी गई है।
कैसे काम करेगा यह नया फ्रेमवर्क
इस एमओयू के दायरे में दोनों देश अपने कानूनों, नियमों, वित्तीय विशेषज्ञता और पीपीपी प्रोजेक्ट्स को लागू करने के लिए बनाए गए एक जैसे तरीकों को आपस में साझा करेंगे। इस पार्टनरशिप के तहत दोनों देशों में लगातार कई तरह की गतिविधियां चलाई जाएंगी। इसमें संयुक्त कार्यशालाओं का आयोजन करना, एक-दूसरे के यहां सरकारी दौरे करना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिस्सा लेने के लिए एक-दूसरे का हौसला बढ़ाना शामिल है। इन सभी कामों को सही तरीके से पूरा करने और निगरानी रखने के लिए दोनों देश अपने-अपने अधिकारियों को नियुक्त करेंगे और एक संयुक्त कार्यदल यानी ज्वाइंट वर्किंग टीम बनाएंगे। कुवैत की तरफ से इस पूरी साझेदारी को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप प्रोजेक्ट्स अथॉरिटी द्वारा मैनेज किया जाएगा। इस तरह के समझौतों से खाड़ी देशों में काम कर रहे लोगों और निवेशकों के लिए भी रास्ते आसान होते हैं।