Saudi Arabia: मक्का डिफेंस पैक्ट पर सऊदी अरब का बड़ा बयान, बताया सैन्य गठबंधन नहीं, क्षेत्रीय सुरक्षा पर है फोकस

सऊदी अरब ने हाल ही में तुर्किये और पाकिस्तान के साथ किए गए मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट (Makkah Joint Defense Agreement) को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है। शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को मक्का के अल-सफा पैलेस में सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman, तुर्किये के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Muhammad Shehbaz Sharif के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते के बाद उठ रहे सवालों पर सऊदी उप मंत्री Amb. Dr. Rayed Krimly ने कहा कि यह कोई सैन्य धुरी या सांप्रदायिक गुट नहीं है।
समझौते का असली मकसद और सच्चाई
सऊदी अरब सरकार ने साफ किया है कि यह ऐतिहासिक समझौता किसी परमाणु महत्वाकांक्षा या हथियारों की होड़ से जुड़ा हुआ नहीं है। Dr. Rayed Krimly ने जोर देकर कहा कि इस समझौते का प्राथमिक लक्ष्य टिकाऊ रक्षा क्षमताएं विकसित करना है। इससे किसी भी क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा नहीं है और न ही इसे तनाव बढ़ाने वाले कदम के रूप में देखा जाना चाहिए। यह समझौता उन पुरानी और गहरी रणनीतिक साझेदारी का नतीजा है जिस पर कई सालों से चर्चा चल रही थी।
सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक मील का पत्थर बताया है। वहीं रक्षा मंत्री Prince Khalid bin Salman का कहना है कि यह दीर्घकालिक साझेदारी रक्षा, समन्वय और एकीकरण को मजबूत करने का काम करेगी।
क्या कहता है मक्का डिफेंस पैक्ट का नियम
इस समझौते का मुख्य बिंदु यह है कि यदि किसी भी सदस्य देश पर हमला होता है, तो उसे सभी देशों पर हमला माना जाएगा। इस करार की कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- सामूहिक रक्षा: सदस्य देशों की सैन्य तैयारियों को एक साथ लाकर सुरक्षा बढ़ाना।
- संसाधन साझा करना: तुर्किये की रक्षा तकनीक, पाकिस्तान की सैन्य शक्ति और सऊदी अरब के निवेश का बेहतर उपयोग।
- सामूहिक सुरक्षा: साझी चुनौतियों से निपटने के लिए एक मजबूत डिफेंस मैकेनिज्म तैयार करना।
तुर्किये के अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तरह से डिफेंसिव एग्रीमेंट है और इसमें अन्य क्षेत्रीय देशों के शामिल होने का दरवाजा भी खुला है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी इसे सामूहिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। यह समझौता साल 2025 में हुए Pakistan-Saudi Strategic Mutual Defense Agreement को और अधिक विस्तार देता है। भारत और अन्य देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि यह पैक्ट शांति और स्थिरता को प्राथमिकता देने के लिए तैयार किया गया है, ताकि पूरे रीजन में सुरक्षा का माहौल बना रहे। अधिक जानकारी के लिए आप Gulfhindi.com पर बने रह सकते हैं।