Saudi Arabia Defense Pact: सऊदी अरब और पाकिस्तान के साथ मक्का सुरक्षा समझौते पर ट्रंप से हुई एर्दोगान की बात.

Aanya17 August 20262 min read69 viewsSaudi
Saudi Arabia Defense Pact: सऊदी अरब और पाकिस्तान के साथ मक्का सुरक्षा समझौते पर ट्रंप से हुई एर्दोगान की बात.

तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 17 अगस्त 2026 को एक फोन पर बातचीत की। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और हाल ही में साइन किए गए मक्का समझौते पर विस्तार से चर्चा की। राष्ट्रपति एर्दोगान ने बातचीत के दौरान साफ किया कि यह नया समझौता क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम है। इसे लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति ने भी अपनी बात रखी और इस पहल की तारीफ की।

मक्का समझौते की खास बातें

यह त्रिपक्षीय मक्का समझौता 7 अगस्त 2026 को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच फाइनल किया गया था। इस समझौते के तहत एक सामूहिक रक्षा तंत्र बनाया गया है जो बिल्कुल नाटो के आर्टिकल 5 की तरह काम करता है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी भी सदस्य देश पर बाहर से हमला होता है, तो उसे सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाएगा और सब मिलकर उसका जवाब देंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते का स्वागत किया और कहा कि इससे मिडिल ईस्ट यानी मध्य पूर्व में आपसी तालमेल और सुरक्षा मजबूत होगी।

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iran और gaza के मुद्दों पर भी हुई बात

रक्षा समझौते के अलावा दोनों नेताओं ने दुनिया के दूसरे गंभीर मुद्दों पर भी चर्चा की। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ रहे तनाव को कम करने के लिए तुर्की के राष्ट्रपति ने कूटनीतिक बातचीत जारी रखने पर जोर दिया। इसके अलावा गाजा के हालात और वहां इस्राइल की तरफ से बढ़ाई गई सैन्य गतिविधियों पर भी चिंता जताई गई। एर्दोगान ने बताया कि मौजूदा शांति प्रक्रिया पर इन सब बातों का असर पड़ रहा है जिस पर ध्यान देना जरूरी है।

मक्का समझौते में शामिल हो सकते हैं अन्य देश

इस बातचीत के दौरान यह भी सामने आया कि मक्का सुरक्षा समझौता सिर्फ तीन देशों तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में मिस्र यानी Egypt जैसे अन्य देश भी इसमें शामिल हो सकते हैं। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में लंबे समय तक शांति और सुरक्षा कायम करना है ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। खाड़ी देशों में चल रही इन गतिविधियों का असर वहां रहने वाले प्रवासियों और भारत से आने जाने वाले लोगों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से पड़ता है क्योंकि सुरक्षा के हालात से ही कामकाज तय होता है।

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