Saudi Arabia New Rules: सऊदी अरब में फंड जुटाने के नियमों में बड़ा बदलाव, अभियानों में बच्चों के इस्तेमाल पर लगा बैन.

सऊदी अरब में चैरिटी और दान से जुड़े कामों को लेकर एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। नेशनल सेंटर फॉर द नॉन-प्रॉफिट सेक्टर ने फंड जुटाने के नए नियमों का ड्राफ्ट पेश किया है। इन नए नियमों के तहत अब किसी भी चैरिटी या फंड जुटाने वाले अभियान में बच्चों का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। सरकार का यह कदम समाज में पारदर्शिता लाने और नियमों को और सख्त करने के लिए उठाया गया है ताकि दान देने वालों और मदद पाने वालों दोनों के अधिकारों की पूरी सुरक्षा हो सके।
जनता से मांगे गए हैं सुझाव और क्या हैं लाइसेंस की शर्तें
इन नए प्रस्तावित नियमों को इस्तिल्ला (Istitlaa) पब्लिक सर्वे प्लेटफॉर्म पर जनता की राय और प्रतिक्रिया के लिए 10 सितंबर तक प्रकाशित किया गया है। इस ड्राफ्ट का मुख्य उद्देश्य लाइसेंस प्राप्त संगठनों के कामकाज पर कड़ी नजर रखना और चैरिटी के नाम पर होने वाली गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ाना है। लाइसेंस हासिल करने के लिए अब संस्थानों को यह साबित करना होगा कि उनकी गतिविधि कानूनी रूप से वैध है। इसके साथ ही उन्हें न्यूनतम गवर्नेंस के मानकों को पूरा करना होगा और पिछले साल में उनके खिलाफ कोई बड़ा उल्लंघन दर्ज नहीं होना चाहिए।
संस्थानों को अपने उद्देश्यों और खर्चों का पूरा प्लान सरकार के सामने जमा करना होगा। इस नए ड्राफ्ट कानून में कुल 18 आर्टिकल शामिल हैं। इसके तहत मिलने वाला हर लाइसेंस केवल एक तय काम के लिए ही मान्य होगा। इसके अलावा लाइसेंस की समय सीमा और उसका दायरा भी पहले से तय किया जाएगा। नियमों के खिलाफ जाकर लाइसेंस का इस्तेमाल करना या बिना अनुमति के उसमें कोई बदलाव करना पूरी तरह से गैरकानूनी माना जाएगा।
दान मांगने के कड़े नियम और विज्ञापनों पर पाबंदी
दान मांगने के तौर-तरीकों के लिए कुल 10 नए नियम बनाए गए हैं। इसके तहत सभी संस्थानों को मीडिया, साइबर क्राइम और डेटा सुरक्षा से जुड़े कानूनों का पूरी तरह से पालन करना अनिवार्य किया गया है। विज्ञापन देने वाली कंपनियों को अपने हर विज्ञापन पर 'डोनेट सेफली' सेवा का एक क्यूआर कोड लगाना होगा ताकि लोग खुद स्कैन करके लाइसेंस की असलियत की जांच कर सकें। विज्ञापनों में किसी भी तरह की बढ़ा-चढ़ाकर जानकारी देना, झूठे वादे करना या धार्मिक आयतों का गलत मतलब निकालना सख्त मना है।
चैरिटी के काम को नुकसान पहुंचाने वाली बातें या समाज में विवाद पैदा करने वाली सामग्री प्रसारित करने पर भी रोक लगा दी गई है। इसके अलावा अभियान में बच्चों के इस्तेमाल पर रोक के साथ-साथ मदद पाने वाले लोगों की प्राइवेसी का पूरा ख्याल रखने को कहा गया है। अब किसी भी जरूरतमंद की तस्वीर खींचना या उसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है ताकि किसी की भी गरिमा को ठेस न पहुंचे।