Saudi Arabia Real Estate: सऊदी अरब ने प्रवासियों को दी निवेश की बड़ी छूट, रियाद और जेद्दा में रहेंगे ये खास नियम

सऊदी अरब सरकार ने प्रवासियों और विदेशी कंपनियों के लिए रियल एस्टेट में निवेश करने का ऐतिहासिक रास्ता साफ कर दिया है। 6 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक घोषणा के अनुसार, अब गैर-सऊदी नागरिक उन संपत्तियों में निवेश कर सकते हैं जिनका मालिकाना हक उनके पास है, बशर्ते वे देश के निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सऊदी विजन 2030 के तहत विदेशी निवेश को बढ़ावा देना और देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। यह जानकारी सऊदी सरकार के आधिकारिक रियल एस्टेट कानून दस्तावेजों के माध्यम से साझा की गई है।
रियाद और जेद्दा में निवेश पर विशेष पाबंदी
सऊदी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निवेश की यह छूट हर जगह एक जैसी नहीं होगी। रियाद और जेद्दा के शहरी इलाकों में स्थित आवासीय संपत्तियों को इस निवेश दायरे से बाहर रखा गया है। सरकार का कहना है कि इन शहरों के भीतर आवासीय इकाइयों को केवल रहने के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है, न कि व्यावसायिक निवेश के लिए। यह नियम उन लाखों प्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण है जो इन बड़े शहरों में रहते हैं। सामान्य तौर पर, विदेशी निवासी इन शहरों में रहने के लिए केवल एक आवासीय संपत्ति के मालिक हो सकते हैं, लेकिन अब वे उसे निवेश के उद्देश्य से इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
विजन 2030 और भविष्य की योजनाएं
यह पूरा कानूनी ढांचा सऊदी विजन 2030 का एक अहम हिस्सा है। इस कानून की शुरुआत 21 जनवरी 2026 को हुई थी और इसे और अधिक स्पष्ट बनाने के लिए 23 जून 2026 को काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने इसके नियमों को मंजूरी दी। रियल एस्टेट जनरल अथॉरिटी (REGA) इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रही है। अथॉरिटी ही तय करेगी कि किन खास इलाकों में विदेशी निवेश की अनुमति दी जाएगी और वही पंजीकरण से लेकर भुगतान तक का पूरा डिजिटल प्लेटफॉर्म संभाल रही है।
आवास के लिए नई पहल
प्रवासियों और सऊदी नागरिकों दोनों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है। काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने देश में घर के मालिकाना हक को बढ़ाने के लिए एक नई योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत अब निवेशक खाली जमीनों को विकसित कर सकते हैं और वहां उन लोगों के लिए घर बना सकते हैं जो सरकारी विकास योजनाओं के लाभार्थी हैं। इसके बदले में निवेशकों को जमीन का एक हिस्सा स्वामित्व के तौर पर दिया जाएगा। मुंसिपल और हाउसिंग मंत्री Majid Al-Hogail ने इस फैसले का स्वागत करते हुए बताया कि इससे निजी क्षेत्र के साथ तालमेल बढ़ेगा और देश में घरों की सप्लाई तेजी से बढ़ेगी। मक्का और मदीना जैसे शहरों के लिए नियम अभी भी सख्त हैं, जहां केवल मुस्लिम प्रवासियों और पात्र सऊदी संस्थाओं को ही सीमित क्षेत्रों में अनुमति दी जाती है।