Saudi Arabia Fundraising Rules: सऊदी अरब ने फंड जुटाने के नियमों में किया बड़ा बदलाव, बच्चों के इस्तेमाल पर लगा बैन.

सऊदी अरब सरकार ने चैरिटी और फंड इकट्ठा करने के तौर-तरीकों को पूरी तरह बदलने के लिए एक नया कानून प्रस्तावित किया है। इस नए प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य समाज में चल रहे दान और सामाजिक कार्यों में पूरी पारदर्शिता लाना है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। सरकार चाहती है कि लोग जब भी किसी नेक काम के लिए पैसा दें, तो उन्हें पूरी जानकारी हो कि उनका पैसा कहां और कैसे इस्तेमाल हो रहा है। इस नए नियम के आने से उन सभी गतिविधियों पर रोक लग जाएगी जो नियमों के खिलाफ जाकर दान मांगती हैं।
फंड जुटाने में बच्चों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित
नए नियमों के तहत अब कोई भी संस्था या व्यक्ति प्रचार या विज्ञापन अभियानों में बच्चों का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। इसके अलावा, चैरिटी या फंड इकट्ठा करने के विज्ञापनों में धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाने वाले शब्दों जैसे कि थवाब (Thawab) यानी आध्यात्मिक लाभ की गारंटी देने वाले वाक्यों के इस्तेमाल पर भी पूरी पाबंदी लगा दी गई है। सरकार का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि लोग अपनी मर्जी और विश्वास से दान दें, न कि किसी भावनात्मक दबाव में आकर।
मस्जिद अल-हरम और मस्जिद अन-नबी में फोटोग्राफी पर सख्ती
सऊदी प्रशासन ने मक्का की ग्रैंड मस्जिद (Masjid al-Haram) और मदीना की पैगंबर की मस्जिद (Masjid an-Nabawi) के अंदर फोटो खींचने को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। अब बिना आधिकारिक अनुमति के इन पवित्र स्थलों के अंदर फोटोग्राफी करने की इजाजत नहीं होगी। सऊदी मंत्रालय और हज एवं उमराह मंत्रालय ने पहले ही हज सीजन के दौरान शांति बनाए रखने, भीड़ को नियंत्रित करने और पवित्रता की रक्षा के लिए ऐसे दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिन्हें अब और कड़ा कर दिया गया है।
दान अभियानों के लिए बजट की पूरी जानकारी देना अनिवार्य
इस नई व्यवस्था के तहत हर चैरिटी और फंड जुटाने वाले संगठन को अपने विज्ञापन में यह साफ-साफ बताना होगा कि उन्हें कुल कितना फंड चाहिए और उस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अभी कितनी और रकम बाकी है। साथ ही, बिना लिखित अनुमति के किसी भी आधिकारिक बयान या इंटरव्यू को अपने कैंपेन में छापने या इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। इन तमाम बदलावों की विस्तृत जानकारी Saudi Press Agency (SPA) के जरिए साझा की गई है।
याद दिला दें कि इससे पहले 06 मई 2026 को सऊदी कैबिनेट ने दान संग्रह कानून के लिए कार्यकारी नियमों को मंजूरी दी थी। वहीं अगस्त 2024 में नेशनल सेंटर फॉर नॉन-प्रॉफिट सेक्टर यानी NCNPS ने 23 आर्टिकल वाला एक व्यापक फंडरेसिंग कानून पेश किया था, जिसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि हर एक पाई केवल उसी काम में लगे जिसके लिए लोगों ने दान दिया है। सरकार के इन कदमों से भारत और अन्य देशों से सऊदी अरब जाने वाले लोगों और वहां काम करने वाले प्रवासियों को भी यह साफ समझ आ जाता है कि देश में सामाजिक कार्यों के नियम कितने सख्त हो चुके हैं।