Saudi Arabia: सीरिया के समर्थन में उतरा सऊदी अरब, इस्राइली हवाई हमलों को बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन.

सीरिया पर हाल ही में हुए इस्राइली हमलों के बाद मध्य पूर्व की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। 18 अगस्त 2026 को सऊदी अरब ने आधिकारिक तौर पर सीरिया की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय एकता के प्रति अपने पूर्ण समर्थन का ऐलान किया है। सऊदी सरकार का यह कदम सीरिया के इdlib प्रांत में स्थित अबू अल-धुहूर सैन्य हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हमलों के बाद सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम पर खाड़ी देशों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गहरी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि इससे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सऊदी विदेश मंत्रालय ने जताई कड़ी आपत्ति
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है। सऊदी प्रशासन ने वैश्विक समुदाय से यह अपील की है कि वे इस तरह की कार्रवाइयों को रोकने के लिए तुरंत और कड़े कदम उठाएं। सऊदी अरब का मानना है कि सीरियाई लोगों के लिए सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इससे पहले भी 23 जून 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सऊदी अरब के स्थायी प्रतिनिधि डॉ. अब्दुलअजीज अलवासिल ने अरब समूह की ओर से यह बात रखी थी कि सीरियाई अरब गणराज्य को अपने पूरे देश पर नियंत्रण स्थापित करने के प्रयासों में पूरा समर्थन दिया जाना चाहिए। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Saudi Press Agency की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
क्षेत्रीय प्रतिक्रिया और अमेरिकी दूत का बयान
इस पूरे मामले पर सीरियाई विदेश मंत्रालय ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है और इन हमलों को बिना किसी वजह की आक्रामकता और खतरनाक escalation बताया है। वहीं दूसरी ओर, सीरिया के लिए अमेरिका के दूत टॉम बराक ने भी इस घटना पर गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बताया कि सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शार्रा का प्रशासन लगातार इस्राइल के साथ तनाव को कम करने और बातचीत के रास्ते खोजने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही, जोर्डन ने भी 18 अगस्त 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस आक्रामकता की कड़ी निंदा की और दुनिया भर के नेताओं से अपील की कि वे इस्राइल को सीरिया की संप्रभुता का सम्मान करने के लिए मजबूर करें।