Saudi Arabia पर हुए हमलों की संयुक्त राष्ट्र ने की कड़ी निंदा, सऊदी सरकार ने किया बयान का स्वागत.

Aanya8 August 20262 min read63 viewsSaudi
Saudi Arabia पर हुए हमलों की संयुक्त राष्ट्र ने की कड़ी निंदा, सऊदी सरकार ने किया बयान का स्वागत.

सऊदी अरब की सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC के उस आधिकारिक बयान का पूरी तरह से स्वागत किया है जिसमें हूती मिलिशिया द्वारा kingdom और कमर्शियल जहाजों पर किए गए मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की गई है। यह ताजा मामला 7 अगस्त 2026 को सामने आया जब सुरक्षा परिषद ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की हरकतों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया। सऊदी प्रशासन ने अपने आधिकारिक समाचार अकाउंट @SaudiNews50 के जरिए ट्वीट करके इस अंतरराष्ट्रीय समर्थन पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी और शांति की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को जरूरी बताया।

हमलों का सिलसिला और अंतरराष्ट्रीय चिंता

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान में साफ तौर पर कहा गया कि 13 जुलाई के बाद से सऊदी अरब पर लगातार मिसाइलें दागी जा रही हैं और 22 जुलाई से कमर्शियल जहाजों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इन लगातार हमलों की वजह से यमन में तनाव काफी बढ़ गया है और शांति प्रयासों को भी तगड़ा झटका लग रहा है। सुरक्षा परिषद ने यमन के हवाई अड्डों पर बिना अनुमति के विमानों के उतरने की घटनाओं पर भी गहरी चिंता जताई है। परिषद ने स्पष्ट किया कि सभी उड़ानें यमन सरकार की अनुमति और समन्वय से ही होनी चाहिए जो अंतरराष्ट्रीय कानून और नागरिक उड्डयन नियमों के तहत तय की गई हैं।

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क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन

संयुक्त राष्ट्र ने यमन की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई है। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के साथ-साथ प्रस्ताव 2216 का कड़ाई से पालन करने की बात कही गई है जिसके तहत हूती जैसे प्रतिबंधित संगठनों को हथियारों की आपूर्ति पूरी तरह अवैध है। इसी कड़ी में यूरोपीय संघ यानी EU ने भी 7 अगस्त 2026 को सऊदी अरब के Najran क्षेत्र और यमन के Marib में नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की तीखे शब्दों में आलोचना की और सभी तरह के हमलों को तुरंत रोकने की मांग उठाई।

बढ़ती अस्थिरता और नए सुरक्षा समझौते

सुरक्षा परिषद ने चेतावनी देते हुए कहा कि हूती विद्रोहियों की ऐसी हरकतें नेविगेशन के अधिकारों और समुद्री स्वतंत्रता को खतरे में डाल रही हैं जिससे आने वाले समय में हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं। इससे पहले भी 3 जुलाई 2026 को सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर और 13 जुलाई 2026 को होदेइदाह हवाई अड्डे पर बिना अनुमति ईरानी विमानों के उतरने पर UNSC ने आपत्ति जताई थी। लगातार बढ़ रही क्षेत्रीय अशांति और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए 7 अगस्त 2026 को मक्का में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच एक आपसी रक्षा समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए।

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