सऊदी अरब का सख्त फैसला, ज़मीन ट्रांसफर करने से पहले चुकाना होगा बकाया टैक्स, नया नियम लागू।

Aanya25 August 20262 min read61 viewsSaudi
सऊदी अरब का सख्त फैसला, ज़मीन ट्रांसफर करने से पहले चुकाना होगा बकाया टैक्स, नया नियम लागू।

सऊदी कैबिनेट ने एक बड़ा और सख्त निर्देश जारी किया है जिसके तहत अब किसी भी ज़मीन या प्रॉपर्टी के मालिकाना हक को ट्रांसफर करने से पहले पुराना बकाया चुकाना अनिवार्य कर दिया गया है। Ministry of Municipalities and Housing के सुधारों को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी बकाया फीस जमा होने की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रॉपर्टी ट्रांसफर की दस्तावेज़ी प्रक्रिया पूरी नहीं की जाएगी। 25 अगस्त 2026 को सामने आए इस नए नियम से रियल एस्टेट सेक्टर में नियमों का पालन करना और ज्यादा ज़रूरी हो गया है ताकि कोई भी व्यक्ति बिना टैक्स दिए अपनी ज़मीन या संपत्ति बेच न सके।

वाइट लैंड और खाली प्रॉपर्टी पर नया टैक्स सिस्टम

सऊदी अरब में यह वाइट लैंड टैक्स सिस्टम उन जमीनों पर लागू होता है जो शहरी सीमाओं के भीतर 5,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल में खाली पड़ी हैं। इस नियम के तहत 1 जनवरी 2026 से लागू हुए स्ट्रक्चर में ज़मीन की वैल्यू का 10 प्रतिशत तक टैक्स वसूला जा रहा है। इसके अलावा 13 मई 2026 को खाली प्रॉपर्टी फीस के लिए कार्यकारी नियमों को भी मंजूरी दी गई थी, जिसके तहत प्रॉपर्टी के मार्केट रेंटल वैल्यू का 5 प्रतिशत तक सालाना चार्ज लिया जाता है। इन सभी नियमों की शुरुआती रूपरेखा आधिकारिक गजट उम्म अल-कुरा में 22 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई थी।

सऊदी विजन 2030 का मुख्य हिस्सा

सरकार की तरफ से उठाए जा रहे ये कदम Saudi Vision 2030 का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य ज़मीन की जमाखोरी को रोकना और प्रॉपर्टी पर किसी खास व्यक्ति या कंपनी के एकाधिकार को खत्म करना है। इन कड़े नियमों के लागू होने से बाजार में रिहायशी और कमर्शियल संपत्तियों की सप्लाई में बढ़ोतरी होगी। प्रॉपर्टी बेचने या ट्रांसफर करने से पहले सभी सरकारी फीस और टैक्स का भुगतान करने का सबूत देना अब कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे देश के रियल एस्टेट बाजार में पारदर्शिता बनी रहे और सभी लोग पूरी ईमानदारी के साथ नियमों का पालन करें।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment