Saudi Arabia: स्कूल खुलने से पहले सऊदी अरब में खरीदारी पर खर्च हुए 14.17 अरब रियाल, शिक्षा क्षेत्र में आया बड़ा उछाल.

नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से ठीक पहले सऊदी अरब में बाजारों और दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां कुल खर्च 14.17 billion Saudi Riyals तक पहुंच गया। सऊदी सेंट्रल बैंक यानी SAMA द्वारा जारी की गई प्वाइंट ऑफ सेल ऑपरेशंस की ताजा साप्ताहिक रिपोर्ट के मुताबिक यह आंकड़े August 22, 2026 को समाप्त हुए सप्ताह के हैं। इस दौरान पूरे किंगडम में लगभग 237.35 million लेनदेन किए गए, जो आम दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा हैं क्योंकि लोग बच्चों की पढ़ाई और घर के सामान की तैयारी में जुटे थे।
शिक्षा और खानपान पर सबसे ज्यादा खर्च
पॉइंट-ऑफ-सेल्स के जरिए एटीएम और क्रेडिट कार्ड से होने वाले खर्चों पर नजर रखी जाती है, जिसमें शॉपिंग सेंटर, रिटेल स्टोर और फार्मेसी शामिल हैं। इस बार आंकड़ों में सबसे बड़ा बदलाव शिक्षा क्षेत्र में देखा गया, जहां खर्च में 133.9% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। नए स्कूल और कॉलेज खुलने की तैयारी में परिवारों ने अकेले शिक्षा पर 1.04 billion Saudi Riyals खर्च कर दिए। वहीं दूसरी तरफ, रोजमर्रा की खानपान की चीजें यानी फूड एंड बेवरेजेस इस सूची में सबसे आगे रहे, जिन पर लोगों ने 2.11 billion Saudi Riyals खर्च किए। इसके अलावा अन्य रिटेल सेक्टर में 2.07 billion Saudi Riyals और रेस्टोरेंट तथा कैफे में 1.67 billion Saudi Riyals का कारोबार हुआ। कपड़ों और एसेसरीज पर लोगों ने 1.26 billion Saudi Riyals खर्च किए, जबकि ट्रांसपोर्टेशन का खर्च 1.04 billion Saudi Riyals और फ्यूल स्टेशनों पर खर्च 960.4 million Saudi Riyals दर्ज किया गया।
प्रमुख शहरों में खर्च के आंकड़े
अगर भौगोलिक स्थिति की बात करें तो राजधानी Riyadh इस खर्च के मामले में पूरे देश में सबसे आगे रही, जहां कुल खर्च 5.13 billion Saudi Riyals तक पहुंच गया। इसके बाद दूसरे नंबर पर Jeddah शहर रहा, जहां के लोगों ने बाजार में कुल 1.80 billion Saudi Riyals खर्च किए। इन सभी आधिकारिक आंकड़ों को August 25, 2026 को स्थानीय मीडिया और समाचार माध्यमों जैसे Akhbar24 और Al-Riyadh newspaper द्वारा प्रकाशित किया गया था। सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए यह समय खरीदारी के लिहाज से काफी व्यस्त रहा क्योंकि स्कूल खुलने के साथ ही बच्चों की यूनिफॉर्म, किताबें और स्टेशनरी की मांग अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई थी।