सऊदी क्राउन प्रिंस और फ्रांस के राष्ट्रपति ने पेरिस में की अहम बैठक, क्षेत्रीय सुरक्षा और कारोबार पर हुई चर्चा

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman (MBS) इन दिनों फ्रांस की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। राजा सलमान के निर्देश और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर यह दौरा सोमवार, 24 अगस्त 2026 को दूसरे दिन में प्रवेश कर गया है। यात्रा की शुरुआत रविवार शाम को पेरिस में 2026 Esports World Cup के समापन समारोह में दोनों नेताओं की उपस्थिति के साथ हुई थी। आज दोनों देशों के शीर्ष नेता उच्च स्तरीय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मिलकर फ्रेंच-सऊदी स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप काउंसिल की पहली बैठक की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों पर विशेष जोर
सऊदी प्रेस एजेंसी की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु क्षेत्रीय सुरक्षा, मध्य पूर्व में स्थिरता और आपसी संबंधों को और अधिक मजबूत करना है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक बड़ा कदम है। इस दौरान निवेश, उन्नत तकनीक और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर ठोस बातचीत की जा रही है। बैठक के एजेंडे में मध्य पूर्व के तनाव, इजराइल-फिलीस्तीन संघर्ष और संयुक्त राष्ट्र तथा ईरान के बीच चल रहे हालातों पर भी गहन चर्चा शामिल है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अस्थिरता के बीच ऊर्जा आपूर्ति और ट्रांजिट रूट्स को सुरक्षित रखने के प्रयासों पर भी बात हुई है।
व्यापारिक समझौते और विजन 2030 पर असर
डिप्लोमैटिक बैठकों के साथ-साथ एक सऊदी-फ्रांसीसी बिजनेस फोरम का भी आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सऊदी अरब के Vision 2030 आर्थिक ढांचे के तहत निवेश के नए रास्ते खोलना है। अधिकारियों के मुताबिक, आज स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र में कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की पूरी उम्मीद है। इन समझौतों से खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और निवेशकों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं, जिसका असर भविष्य में रोजगार और कारोबार पर देखने को मिलेगा। इस पूरी आधिकारिक जानकारी के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप Saudi Press Agency की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
सार्वजनिक विरोध और सुरक्षा व्यवस्था
कूटनीतिक और व्यापारिक वार्ताओं के बीच इस यात्रा को कुछ सार्वजनिक विरोध का भी सामना करना पड़ा है। पत्रकारों के संघों ने साल 2018 में जमाल खाशोगी की हत्या को लेकर चल रही फ्रांसीसी न्यायिक जांच का हवाला देते हुए पेरिस में विरोध प्रदर्शन किए। हालांकि, इसके बावजूद दोनों देशों के नेता अपने तय कार्यक्रमों के तहत रणनीतिक समझौतों को आगे बढ़ाने में जुटे हुए हैं। सुरक्षा और कूटनीति के मोर्चे पर यह दौरा आने वाले समय में खाड़ी देशों और यूरोप के संबंधों की दिशा तय करेगा।