सऊदी अरब, मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक, क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा पर हुई बड़ी चर्चा

Praggya Singh sabal5 August 20262 min read52 viewsSaudi
सऊदी अरब, मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक, क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा पर हुई बड़ी चर्चा

हाल ही में 5 अगस्त 2026 को सऊदी अरब, मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने अम्मान में एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह आर4 (R4) मंत्री स्तरीय बैठक का पांचवां चरण था, जो यरुशलम से जुड़े एक बड़े सम्मेलन के दौरान आयोजित किया गया था। इस बैठक में सऊदी अरब के Prince Faisal bin Farhan Al Saud, मिस्र के Dr. Badr Abdel-Aati, तुर्की के Hakan Fidan और पाकिस्तान के Muhammad Ishaq Dar ने हिस्सा लिया। इन सभी नेताओं का मुख्य जोर सैन्य तनाव को कम करने और क्षेत्र में सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का समाधान निकालने पर था।

समुद्री रास्तों की सुरक्षा और कूटनीति पर जोर

बैठकों के दौरान मंत्रियों ने कूटनीतिक तरीकों से समस्याओं को सुलझाने का समर्थन किया। उन्होंने इस बात पर भी खास ध्यान दिया कि पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से क्षेत्रीय शांति कायम करने में मदद मिल रही है। चर्चा का एक बड़ा हिस्सा समुद्री सुरक्षा को लेकर था, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंडेब के रास्ते सुरक्षित रखने की बात कही गई। ये समुद्री रास्ते अंतरराष्ट्रीय व्यापार और दुनिया की आर्थिक स्थिति के लिए बेहद जरूरी हैं।

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मंत्रियों ने 18 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच हुए उस समझौते का जिक्र किया, जिसे पूरा करने में पाकिस्तान और कतर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसकी अधिक जानकारी आप तुर्की विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

फिलिस्तीन का मुद्दा और भविष्य की रणनीति

इस बैठक में फिलिस्तीन का मुद्दा केंद्र में रहा। सभी मंत्रियों ने इस बात को दोहराया कि एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य की स्थापना के बिना शांति आना मुश्किल है। आर4 ढांचे के तहत सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया है और भविष्य में ऐसी बैठकें और अधिक बार आयोजित की जाएंगी। इससे पहले 3 अगस्त 2026 को मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें क्षेत्रीय शांति और कूटनीतिक रास्तों को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी थी। इस बैठक की आधिकारिक रिपोर्ट Egyptian State Information Service के माध्यम से भी साझा की गई है।

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह स्थिरता बहुत मायने रखती है, क्योंकि क्षेत्र में शांति रहने से ही व्यापार और आवागमन की राह आसान बनी रहती है। इन देशों की कोशिशें आने वाले समय में क्षेत्र को सुरक्षित रखने में मददगार साबित हो सकती हैं।

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