Saudi Arabia: रियाद में पर्यावरण नियमों की सख्त जांच, 35 घाटियों में 23 मिलियन वर्ग मीटर जमीन की हुई निगरानी।

Praggya Singh sabal19 August 20262 min read61 viewsSaudi
Saudi Arabia: रियाद में पर्यावरण नियमों की सख्त जांच, 35 घाटियों में 23 मिलियन वर्ग मीटर जमीन की हुई निगरानी।

सऊदी अरब में प्रकृति और पर्यावरण को बचाने के लिए सरकार ने अपनी मुहिम को और ज्यादा तेज कर दिया है। इसी कड़ी में नेशनल सेंटर फॉर पर्यावरण अनुपालन ने रियाद के अलग-अलग इलाकों में एक बड़ा अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत अधिकारियों ने 35 घाटियों में हो रहे पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर कड़ी नजर रखी है। रिपोर्ट के अनुसार, 19 अगस्त 2026 तक इस पहल के जरिए कुल 23 मिलियन वर्ग मीटर जमीन का सर्वे किया जा चुका है। सरकार का यह कदम देश में लगातार बढ़ रहे पर्यावरण नुकसान को रोकने और प्राकृतिक खूबसूरती को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है।

प्राकृतिक आरक्षित क्षेत्रों में नियमों का सख्ती से पालन

सऊदी प्रशासन पर्यावरण से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। हाल ही में अधिकारियों ने नियमों को तोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। 19 अगस्त 2026 को पर्यावरण स्पेशल फोर्सेस ने कुछ नागरिकों को पकड़ा, जो इमाम फैसल बिन तुर्की रॉयल रिजर्व के प्रतिबंधित इलाकों में बिना अनुमति के आग जला रहे थे। इसके अलावा, इमाम तुर्की बिन अब्दुल्ला रॉयल रिजर्व में अवैध रूप से ऊंट चराने के मामले में भी कार्रवाई की गई। इससे पहले 17 अगस्त 2026 को भी इसी रिजर्व क्षेत्र में अवैध रूप से मवेशी चराने पर लोगों को पकड़ा गया था। इन सभी मामलों से साफ होता है कि देश के जंगलों और आरक्षित क्षेत्रों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूखे और भूमि क्षरण के खिलाफ उठ रहे कदम

स्थानीय स्तर पर हो रही इन कार्रवाइयों के साथ-साथ देश ने वैश्विक मंच पर भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ी जिम्मेदारी संभाली है। 17 अगस्त 2026 को सऊदी अरब ने मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन के पक्षों के सम्मेलन यानी UNCCD COP की अध्यक्षता औपचारिक रूप से सौंप दी। इस मौके पर 'रियाद एक्शन Agenda' की भी शुरुआत की गई। यह एक ऐसा वैश्विक मंच है जिसका मुख्य उद्देश्य सूखे और भूमि के खराब होने की समस्या के खिलाफ लोगों को जागरूक करना और मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करना है।

शिकार पर पूरी तरह रोक और फील्ड टीमों की पैनी नजर

आम जनता और पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ जानवरों और पेड़ों की रक्षा के लिए भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। 18 अगस्त 2026 को रॉयल रिजर्व डेवलपमेंट अथॉरिटी ने एक बार फिर साफ कर दिया कि इमाम अब्दुलअजीज बिन मोहम्मद रॉयल रिजर्व और किंग खालिद रॉयल रिजर्व के अंदर शिकार करने पर पूरी तरह पाबंदी है। इस नियम का पालन करवाने के लिए फील्ड टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और हर एक गतिविधि पर कड़ी नजर रख रही हैं ताकि कोई भी व्यक्ति पर्यावरण के नियमों को न तोड़ सके। इस बारे में अधिक जानकारी आप Akhbar 24 की रिपोर्ट में देख सकते हैं।

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