Jerusalem को लेकर Saudi Arabia का कड़ा रुख, विदेश मंत्री ने कहा- शांति के लिए पवित्र स्थलों की सुरक्षा जरूरी

Saudi Arabia के विदेश मंत्री ने 5 अगस्त 2026 को एक महत्वपूर्ण बयान में स्पष्ट किया है कि Jerusalem की सुरक्षा दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए एक बुनियादी स्तंभ है। अम्मान, जॉर्डन में आयोजित एक उच्च स्तरीय मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान, उन्होंने फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इजरायल द्वारा की जा रही एकतरफा कार्रवाई और वहां हो रहे उल्लंघनों की कड़ी निंदा की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इजरायल के ये कदम पूरी तरह से अमान्य हैं और इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता।
शांति और सुरक्षा के लिए बुलाई गई आपात बैठक
यह महत्वपूर्ण बैठक Jordan की मेजबानी में संपन्न हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य जेरूसलम और वहां मौजूद पवित्र इस्लामी और ईसाई धर्मस्थलों की रक्षा करना था। इजरायल द्वारा जेरूसलम की पहचान को बदलने और धार्मिक स्थलों के साथ छेड़छाड़ करने की बढ़ती घटनाओं के बीच इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। जॉर्डन के विदेश मंत्री Ayman Safadi ने चेतावनी देते हुए कहा कि Al-Aqsa Mosque परिसर की मौजूदा स्थिति में किसी भी तरह का बदलाव पूरे मुस्लिम जगत में एक बड़े धार्मिक संघर्ष को जन्म दे सकता है। उन्होंने इसे एक बड़ी चेतावनी के रूप में पेश किया है।
रेड लाइन का किया ऐलान
जॉर्डन के विदेश मंत्री ने फिलिस्तीनियों को वेस्ट बैंक से जॉर्डन में जबरन विस्थापित करने के किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इसे रेड लाइन करार देते हुए साफ कर दिया कि ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। इस बैठक का मुख्य मकसद इजरायल की उन अवैध नीतियों के खिलाफ एक एकजुट रुख अपनाना है, जो लगातार जेरूसलम के माहौल को खराब कर रही हैं। खासकर 23 जुलाई की उस घटना के बाद चिंताएं और बढ़ गई हैं, जब इजरायल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben Gvir समेत करीब 2,000 से अधिक लोगों ने अल-अक्सा परिसर में प्रवेश किया था। जॉर्डन के अधिकारियों ने इसे आधुनिक इतिहास का सबसे बुरा उल्लंघन बताया है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और पाकिस्तान का समर्थन
इस बैठक में कई देशों के विदेश मंत्री और प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें सऊदी अरब, तुर्किये, कतर, मिस्र, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देश प्रमुख हैं। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Ishaq Dar ने इस दौरान फिलिस्तीनी लोगों के प्रति अटूट समर्थन दोहराया। उन्होंने 1967 से पहले की सीमाओं पर आधारित एक स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीन राष्ट्र की मांग की, जिसकी राजधानी Al-Quds Al-Sharif हो। इसके अलावा, जॉर्डन के राजा Abdullah II ने भी इस सम्मेलन में शिरकत की और भाग लेने वाले मंत्रियों के साथ चर्चा की। अम्मान प्रशासन धार्मिक यहूदियों के लिए टेम्पल माउंट पुलिस इकाई में भर्ती जैसी गतिविधियों को लेकर भी खासी चिंता में है।