सऊदी अरब ने की बड़ी मांग, कहा Hormuz और Bab Al-Mandab में जहाजों को मिले आने-जाने की पूरी आज़ादी

सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने 19 अगस्त 2026 को एक आधिकारिक बयान में कहा कि हॉर्मूज और बाब अल-मदब जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा और नेविगेशन की आज़ादी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद ज़रूरी है। रियाद में जापान के विदेश मंत्री Toshimitsu Motegi के साथ हुई उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठक के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी समुद्री रास्तों को खुला, सुरक्षित और किसी भी तरह के खतरे से मुक्त रखा जाना चाहिए ताकि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन हो सके। इस बैठक में यमन के प्रेसिडेंटियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख Rashad Mohammed Al-Alimi भी शामिल थे, जहां मुख्य रूप से क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक शिपिंग लेन की सुरक्षा पर गंभीर चर्चा की गई।
क्षेत्रीय तनाव और समुद्री व्यापार पर असर
जापानी विदेश मंत्रालय के प्रेस सचिव Kitamura Toshihiro ने इन सुरक्षा उद्देश्यों के प्रति जापान की प्रतिबद्धता को पूरी तरह से दोहराया और इसे क्षेत्रीय शांति के लिए अहम बताया। ये कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय में हो रहे हैं जब अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को भारी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। 19 अगस्त को मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक हॉर्मूज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमोडिटी जहाजों की आवाजाही में भारी कमी दर्ज की गई है। समुद्री डेटा फर्म Kpler ने भी इस मार्ग पर जहाजों की गति धीमी होने की पुष्टि की है। इसके अलावा gCaptain की एक अनौपचारिक रिपोर्ट के मुताबिक यमन के तट के पास प्रोजेक्टाइल हमलों की वजह से एक मालवाहक जहाज को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मान लिया गया है और हॉर्मूज जलडमरूमध्य में दो बल्क कैरियर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे एक नाविक की मौत की भी खबर सामने आई है।
ईरान का रुख और कुवैत पर बढ़ता आर्थिक दबाव
इस क्षेत्रीय गतिरोध को और पेचीदा बनाते हुए ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने 19 अगस्त को एक बार फिर दोहराया कि हॉर्मूज जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका अपना नाकाबंदी खत्म नहीं करता, प्रतिबंधों को नहीं हटाता और जमी हुई संपत्तियों को वापस नहीं करता। इस लंबे समय से जारी बंदी ने क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं पर भारी दबाव बना दिया है, जिसका सबसे ज्यादा असर कुवैत पर पड़ रहा है। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) के सीईओ Shaikh Nawaf Saud Al-Sabah के अनुसार तेल पर निर्भर इस देश को प्रतिबंधित पहुंच के कारण गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि इस जलडमरूमध्य से Tankers के बेरोक-टोक आने-जाने का कोई दूसरा विकल्प मौजूद नहीं है। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी के लिए आप QNA News और Kuwait Government Portal पर जा सकते हैं।