सऊदी अरब और फ्रांस का बड़ा बयान, गाज़ा में शांति और सीजफायर के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग.

Aanya24 August 20262 min read62 viewsSaudi
सऊदी अरब और फ्रांस का बड़ा बयान, गाज़ा में शांति और सीजफायर के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग.

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पिछले दिनों एक अहम बैठक के दौरान गाज़ा में तुरंत और स्थायी युद्धविराम लागू करने की बात कही। 24 अगस्त 2026 को जारी किए गए इस संयुक्त बयान में दोनों बड़े नेताओं ने साफ किया कि गाज़ा में शांति कायम करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, ताकि वहां फंसे हुए बंधकों को सुरक्षित रिहा कराया जा सके और आम फिलिस्तीनी नागरिकों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा सके।

पेरिस में हुई बैठक और बड़े फैसले

यह महत्वपूर्ण चर्चा 23 से 24 अगस्त के दौरान फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई थी। बैठक में दोनों नेताओं ने कहा कि इजराइल और फिलिस्तीनी प्रतिनिधियों के बीच हाल ही में हुआ संघर्ष विराम समझौता इस दिशा में एक बड़ा कदम है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैल्लास ने भी इस कूटनीतिक प्रयास की तारीफ की और इसे एक बड़ी सफलता बताया। इसके अलावा, संयुक्त घोषणा में हमास के हथियार छोड़ने यानी निरस्त्रीकरण से जुड़े समझौते का भी स्वागत किया गया और इसे पूरी तरह से लागू करने की जोरदारी से मांग की गई।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान का परमाणु कार्यक्रम

पेरिस की इस बैठक में केवल गाज़ा ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र के हालात पर विस्तार से चर्चा की गई। क्राउन प्रिंस और राष्ट्रपति मैक्रों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने ईरान से अपील की कि वह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ अपना सहयोग फिर से शुरू करे। इसके साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हो रहे लगातार हमलों की कड़ी निंदा की गई और अंतरराष्ट्रीय समुद्री नौवहन को किसी भी तरह के खतरे से बचाने की चेतावनी जारी की गई।

भविष्य की योजनाएं और शांति सेना की तैयारी

आने वाले समय में संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक इन दोनों नेताओं की सह-अध्यक्षता में होगी, जिसमें इजराइल-फिलिस्तीन विवाद के दो-राज्य समाधान पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जाएगा। युद्धविराम के बाद सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक बोर्ड ऑफ पीस के अधिकारी ने पुष्टि की है कि युगांडा और बुरुंडी के सैन्य प्रतिनिधिमंडलों ने पिछले हफ्ते इजराइल का दौरा किया था। इस दौरान गाज़ा में शांति सैनिकों की संभावित तैनाती को लेकर विस्तार से बातचीत की गई।

Share:

Comments

Leave a comment