Saudi और Iraq के बीच अहम बैठक: पड़ोसी देशों पर हमले के लिए इराकी जमीन के इस्तेमाल पर रोक लगाने पर बनी सहमति

सऊदी अरब और इराक के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी संबंधों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण बातचीत संपन्न हुई है। Saudi Foreign Minister Prince Faisal bin Farhan और Iraqi Foreign Minister Fuad Hussein ने अम्मान में आयोजित एक बैठक के दौरान मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इराक की जमीन और उसकी सैन्य क्षमताओं का इस्तेमाल कभी भी पड़ोसी देशों के खिलाफ हमलों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।
द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा
बैठक में दोनों मंत्रियों ने सऊदी अरब और इराक के बीच मौजूद मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। उन्होंने इस बात को दोहराया कि अरब और इस्लामिक देशों के साथ इराक के संबंधों को और गहरा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करना जरूरी है। साथ ही, इराक के हितों की रक्षा करने वाली नीतियों को आगे बढ़ाने पर भी विचार विमर्श किया गया। यह चर्चा क्षेत्रीय स्तर पर स्थिरता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसका असर उन लाखों प्रवासियों और भारतीय कामगारों पर भी पड़ता है जो इन देशों में रह रहे हैं।
Jordan के साथ भी हुई उच्च स्तरीय मुलाकात
अपनी यात्रा के दौरान, Prince Faisal bin Farhan ने Jordan के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Ayman Safadi से भी मुलाकात की। यह बैठक Jerusalem और वहां स्थित पवित्र स्थलों पर हुई एक मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने मुख्य रूप से वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में चल रही वर्तमान स्थिति और वहां के संघर्ष के समाधान के लिए किए जा रहे राजनयिक प्रयासों पर अपने विचार साझा किए।
सऊदी अरब और जॉर्डन के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशने और आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर भी विस्तार से बातचीत हुई। क्षेत्रीय शांति को लेकर सऊदी अरब लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है और इन बैठकों का उद्देश्य यही है कि अरब देशों के बीच आपसी समन्वय बेहतर हो ताकि क्षेत्र में अमन और चैन बना रहे। इस तरह की उच्च स्तरीय कूटनीतिक हलचलें यह संदेश देती हैं कि खाड़ी देश अपनी सीमाओं की सुरक्षा और पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को लेकर कितने गंभीर हैं।