Saudi King Salman का बड़ा बयान, मक्का समिट की त्रिपक्षीय रक्षा साझेदारी को सराहा और कही यह बात.

सऊदी अरब के King Salman bin Abdulaziz Al-Saud ने 11 अगस्त 2026 को जेद्दा में कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने मक्का समिट फॉर ज्वॉइंट डिफेंस के परिणामों की जमकर तारीफ की और कहा कि यह ऐतिहासिक कदम है। इस समिट के जरिए सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान के बीच लंबे समय तक चलने वाली रक्षा साझेदारी का फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। कुवैत न्यूज एजेंसी यानी KUNA की रिपोर्ट के अनुसार, राजा सलमान ने इस बात पर जोर दिया कि इस शिखर सम्मेलन से तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत रणनीतिक दिशा मिली है।
मक्का ज्वॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट की मुख्य बातें
इस साझेदारी का मुख्य आधार मक्का ज्वॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट है, जिस पर 7 अगस्त 2026 को शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे। इस त्रिपक्षीय आपसी रक्षा समझौते के तहत यह नियम बनाया गया है कि तीनों देशों में से किसी भी एक देश पर होने वाला सशस्त्र हमला, तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य आक्रामकता के खिलाफ सामूहिक सुरक्षा को बढ़ावा देना है। इस समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman, तुर्किए के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Muhammad Shehbaz Sharif ने हस्ताक्षर किए।
समझौते का उद्देश्य और क्षेत्रीय सुरक्षा
यह समझौता ऐतिहासिक रिश्तों, इस्लामिक एकजुटता और साझा रणनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए सामूहिक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए बनाया गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने इस बात की पुष्टि की कि यह समझौता पूरी तरह से रक्षात्मक प्रकृति का है और यह क्षेत्र के उन अन्य देशों के लिए भी खुला है जो इसके सिद्धांतों का पालन करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस समझौते से पहले से चल रहे द्विपक्षीय या बहुपक्षीय समझौतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस पार्टनरशिप में सऊदी संसाधनों, तुर्किए की रक्षा-औद्योगिक क्षमता और पाकिस्तानी सैन्य अनुभव को आपस में जोड़ा जाएगा। इस पूरी जानकारी के बारे में विस्तार से Ministry of Foreign Affairs Pakistan की आधिकारिक वेबसाइट पर भी बताया गया है।