सऊदी अरब ने उठाया बड़ा कदम, सुरक्षित समुद्री रास्तों के लिए एक्टिवेट हुआ नया कमांड स्ट्रक्चर.

सऊदी अरब के नेतृत्व में बनाई गई मल्टीनेशनल मैरीटाइम डिफेंस कोएलिशन यानी MMDC अब अपने ऑपरेशनल फेज में आ गई है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को यह आधिकारिक जानकारी दी कि गठबंधन ने अपने कमांड स्ट्रक्चर को एक्टिवेट करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस डिफेंस कोएलिशन में शामिल सदस्य देशों के अधिकारियों और जवानों को ज्वॉइंट कमांड, मैरीटाइम ऑपरेशंस और इंटेलिजेंस स्ट्रक्चर में शामिल करने का काम भी शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण कदम से खाड़ी देशों के समुद्री इलाकों में सुरक्षा और ज्यादा मजबूत होगी जिसका सीधा असर इस रूट से सफर करने वाले और व्यापार करने वाले लोगों पर भी पड़ेगा।
जेद्दा में हुई बैठक और 39 देशों की भागीदारी
इस बड़े बदलाव की पुष्टि गठबंधन की तीसरी प्लानिंग मीटिंग में की गई जो Western Fleet Command जेद्दा में आयोजित की गई थी। इस बैठक में दुनिया भर के 39 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और समुद्री सुरक्षा को लेकर चर्चा की। इस गठबंधन का परमानेंट हेडक्वार्टर सऊदी अरब की राजधानी रियाद में बनाया गया है। इस पूरी सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य लाल सागर यानी Red Sea, बाब एल-मंडेब जलडमरूमध्य यानी Bab El-Mandeb Strait और अदन की खाड़ी यानी Gulf of Aden जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखना है। इन रास्तों से ग्लोबल सप्लाई चेन और समुद्री नेविगेशन सुरक्षित रहेगा जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी।
गठबंधन का नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत काम
इस सैन्य गठबंधन की कमान कमांडर रियर एडमिरल Abdullah bin Salem Al-Shehri के हाथों में है जबकि पाकिस्तान से एक डिप्टी कमांडर की नियुक्ति भी की गई है। सऊदी मंत्रालय के अनुसार अब तक 13 देशों ने इस चार्टर में शामिल होने के लिए अपनी घरेलू प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया है और यह गठबंधन आगे भी अन्य देशों के साथ सहयोग के लिए पूरी तरह खुला है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरा रक्षा ढांचा अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों के मुताबिक काम करेगा और इसे किसी भी खास देश या संगठन के खिलाफ नहीं बनाया गया है। इस कदम से खाड़ी क्षेत्र में शांति बनाए रखने में मदद मिलेगी।