Saudi Arabia: समुद्री सुरक्षा के लिए नया गठबंधन, रियर एडमिरल अब्दुल्ला बने कमांडर, 14 देशों का मिला समर्थन

सऊदी अरब ने अपनी समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने रियर एडमिरल अब्दुल्ला बिन सलेम अल-शहरी को बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन का कमांडर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति इस गठबंधन को मजबूत बनाने और उसकी कार्यप्रणाली को एक नई दिशा देने की योजना का मुख्य हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 30 जुलाई 2026 को रियाद में हुई थी।
गठबंधन का उद्देश्य और कार्यप्रणाली
यह समुद्री गठबंधन पूरी तरह से एक रक्षात्मक पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य समुद्र में आवाजाही की आजादी को सुनिश्चित करना और किसी भी अंतरराष्ट्रीय नियम का उल्लंघन किए बिना देशों की संप्रभुता का सम्मान करना है। गठबंधन यह साफ कर चुका है कि उसका लक्ष्य किसी विशेष देश या संगठन को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य, लाल सागर और अदन की खाड़ी जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना है। 12 और 13 अगस्त को होने वाली बैठकों में इस गठबंधन के लिए जरूरी नियम, कानूनी ढांचे और आपसी कामकाज की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
गठबंधन में शामिल देश और मुख्यालय
शुरुआत में इस पहल को 14 देशों का समर्थन मिला, जिनमें सऊदी अरब के साथ-साथ कुवैत, बहरीन, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और बांग्लादेश जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। इन देशों के अलावा कुल 43 देशों के प्रतिनिधियों और यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने एक बैठक में हिस्सा लिया था, जिसके बाद अन्य कई देशों ने भी इस गठबंधन में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी की है। गठबंधन का स्थायी मुख्यालय सऊदी अरब में ही होगा, जिसमें जॉइंट ऑपरेशंस कोऑर्डिनेशन सेंटर, जॉइंट मैरीटाइम ऑपरेशंस सेंटर और जनरल सेक्रेटेरियट शामिल हैं।
प्रवासियों और सुरक्षा के लिए महत्व
बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने इस गठबंधन में अपने देश की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह मुख्य रूप से हूती चुनौतियों से निपटने के लिए एक सुरक्षात्मक कदम है। यह गठबंधन न केवल क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि वहां काम करने वाले लाखों प्रवासियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भी सकारात्मक संकेत है। समुद्री मार्गों के सुरक्षित रहने से आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) सुचारू बनी रहेगी, जिसका सीधा लाभ खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को भी मिलेगा, क्योंकि इससे आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही और कीमतों में स्थिरता बनी रहती है। सऊदी मंत्रालय का मानना है कि रियर एडमिरल अल-शहरी की नियुक्ति से गठबंधन की रक्षात्मक क्षमताएं और अधिक सशक्त होंगी।