Saudi Arabia Project Masam: सऊदी अरब के प्रोजेक्ट मसाम ने यमन में साफ किए 2,157 खतरनाक विस्फोटक.

Praggya Singh sabal17 August 20262 min read60 viewsSaudi
Saudi Arabia Project Masam: सऊदी अरब के प्रोजेक्ट मसाम ने यमन में साफ किए 2,157 खतरनाक विस्फोटक.

सऊदी अरब समर्थित प्रोजेक्ट मसाम ने यमन की धरती पर एक बार फिर बड़ा मानवीय काम किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के तहत यमन के अलग-अलग इलाकों से 2,157 खतरनाक विस्फोटक चीजों को पूरी तरह से हटा दिया गया है। यह सफाई अभियान अगस्त महीने के दूसरे हफ्ते यानी 8 अगस्त से 14 अगस्त 2026 के बीच चलाया गया था ताकि आम लोगों की जान बचाई जा सके। इस दौरान टीमों ने देश के कई हिस्सों में छिपे हथियारों को ढूंढकर बाहर निकाला और जमीन को सुरक्षित बनाया।

विस्फोटक सामग्री और दो हफ्ते का पूरा आंकड़ा

सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) की रिपोर्ट के अनुसार, 8 अगस्त से 14 अगस्त के बीच हटाए गए कुल 2,157 विस्फोटकों में 11 एंटी-पर्सनल माइंस, 68 एंटी-टैंक माइंस, 2,075 बिना फटे हुए बारूदी गोले यानी अनएक्सप्लॉइड ऑर्डनेंस (UXO), और तीन इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) शामिल थे। इसके अलावा, काम कर रही टीमों ने कुल 344,654 वर्ग मीटर जमीन को पूरी तरह से साफ किया। इसके बारे में आधिकारिक जानकारी Saudi Press Agency (SPA) की वेबसाइट पर दी गई है।

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वहीं अगर अगस्त महीने की शुरुआत यानी 1 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक के कुल आंकड़ों पर नजर डालें, तो प्रोजेक्ट मसाम की डिमाइनिंग टीमों ने कुल 7,444 लैंडमाइंस और दूसरे विस्फोटक खतरों को खत्म किया है। इस दो हफ्ते के लंबे अभियान में 35 एंटी-पर्सनल माइंस, 137 एंटी-टैंक माइंस, 7,226 बिना फटे गोले और 46 बम बनाने के सामान शामिल रहे। इस दौरान कुल 646,550 वर्ग मीटर जमीन को आम नागरिकों के चलने और इस्तेमाल करने लायक सुरक्षित बना दिया गया।

2018 से अब तक का बड़ा काम और नियम

आपको बता दें कि यह पूरा प्रोजेक्ट किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) की मदद से चल रहा है। साल 2018 में अपनी शुरुआत से लेकर 14 अगस्त 2026 तक, इस प्रोजेक्ट ने यमन के अलग-अलग गवर्नरेट में कुल 585,670 विस्फोटक खतरों को बेअसर किया है। प्रोजेक्ट की टीमें इंटरनेशनल माइन एक्शन स्टैंडर्ड्स के नियमों का पूरी तरह पालन करती हैं। इसका मुख्य मकसद स्कूलों, खेती की जमीनों और जरूरी सिविलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर से खतरा हटाना है ताकि लोग बिना किसी डर के आ जा सकें और राहत कार्यों में रुकावट न आए।

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