Saudi Arabia Health Sector: सऊदी खाद्य एवं औषधि प्राधिकरण ने दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए लॉन्च किया 'नादेर' प्रोग्राम, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत.

सऊदी अरब की सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। Saudi Food and Drug Authority (SFDA) ने आधिकारिक तौर पर 13 अगस्त 2026 को Nader प्रोग्राम की शुरुआत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में दुर्लभ बीमारियों के इलाज, उनकी दवाईयों के विकास और उन्हें तेजी से बाजार में उपलब्ध कराना है। इस नए कदम से उन मरीजों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी जो लंबे समय से गंभीर और दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे हैं और जिनके इलाज के लिए बाजार में आसानी से दवाइयां उपलब्ध नहीं होती हैं।
नादेर प्रोग्राम की मुख्य बातें और नियम
इस नए प्रोग्राम के तहत SFDA ने दुर्लभ बीमारियों की परिभाषा भी तय की है। इसके अनुसार, ऐसी बीमारियां जो सऊदी अरब में 10,000 लोगों में से 5 से कम लोगों को प्रभावित करती हैं, उन्हें दुर्लभ बीमारी माना जाएगा। इसका मतलब है कि यह अनुपात 2,000 में से 1 व्यक्ति से भी कम का है। इस पूरी योजना का फ्रेमवर्क 5 अगस्त 2026 को जारी किया गया था और इसे लागू करने की तारीख 5 सितंबर 2026 तय की गई है। इस प्रोग्राम के जरिए सऊदी सरकार Saudi Vision 2030 के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है ताकि देश के हर नागरिक और निवासी को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
इस प्रोग्राम के तहत दवा बनाने वाली कंपनियों को सरकार की तरफ से विशेष नियम और छूट दी जाएगी। कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इसके लिए आवेदन कर सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक SFDA Regulatory Framework वेबसाइट पर विजिट किया जा सकता है। निर्माताओं को आवेदन भेजने के लिए Designation.Drug@sfda.sa ईमेल आईडी दी गई है, जहां वे अपने दस्तावेज जमा कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले प्राधिकरण के साथ मीटिंग करने की भी सलाह दी गई है ताकि प्रक्रिया में कोई दिक्कत न आए।
मिडिल ईस्ट में दुर्लभ बीमारियों के आंकड़े
दुनियाभर में लगभग 10,000 से ज्यादा प्रकार की दुर्लभ बीमारियां पाई जाती हैं, जिनसे करीब 350 मिलियन लोग पीड़ित हैं। अगर अकेले सऊदी अरब की बात करें तो यहाँ 370,000 से अधिक लोग दुर्लभ बीमारियों के साथ जी रहे हैं। मिडिल ईस्ट और अफ्रीका क्षेत्र में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 80% दुर्लभ बीमारियों का कारण आनुवंशिक यानी जेनेटिक होता है, और करीब 70% बीमारियां बचपन में ही सामने आ जाती हैं। दुख की बात यह है कि इनमें से लगभग 30% बच्चे पांच साल की उम्र पूरी होने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। इसके अलावा, दुनिया भर में करीब 95% ऐसी बीमारियां हैं जिनका आज तक कोई संतोषजनक इलाज उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सऊदी प्राधिकरण का यह नया कदम उम्मीद की एक बड़ी किरण बनकर सामने आया है। इस बारे में अधिक जानकारी SFDA Guide पोर्टल पर भी देखी जा सकती है।