Red Sea Security: सऊदी अरब की समुद्री सुरक्षा योजना का तुर्की ने किया समर्थन, हूती हमलों पर जताई चिंता

Nura Basta3 August 20261 min read74 viewsSaudi
Red Sea Security: सऊदी अरब की समुद्री सुरक्षा योजना का तुर्की ने किया समर्थन, हूती हमलों पर जताई चिंता

लाल सागर और अदन की खाड़ी में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए Saudi Arabia ने एक नई अंतरराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन बनाने की घोषणा की है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर 3 अगस्त 2026 को सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman और तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर चर्चा की।

तुर्की का मिला पूरा सहयोग

तुर्की के राष्ट्रपति Erdogan ने लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हूती मिलिशिया द्वारा किए जा रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। तुर्की के संचार निदेशालय के अनुसार, राष्ट्रपति ने सऊदी अरब की ओर से शुरू की गई इस नई समुद्री गठबंधन का स्वागत किया और सुरक्षा के प्रयासों में अपनी पूरी मदद देने का भरोसा दिलाया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को सुरक्षित रखना और व्यापारिक मार्गों को बाधाओं से मुक्त रखना है।

व्यापार पर पड़ रहा है सीधा असर

लाल सागर दुनिया के करीब 12% वैश्विक व्यापार के लिए एक प्रमुख रास्ता है। हूती हमलों के बढ़ते खतरे को देखते हुए समुद्री सुरक्षा और भी जरूरी हो गई है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 3 अगस्त 2026 को ही सऊदी अरब के 6 सुपर टैंकरों को अपना रास्ता बदलकर अफ्रीका के दक्षिणी तट से होकर जाना पड़ा, ताकि वे हूती हमलों से बच सकें। सऊदी अरब की यह नई पहल 30 जुलाई से 1 अगस्त 2026 के बीच घोषित की गई थी, जिसका लक्ष्य बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य और अदन की खाड़ी में ऊर्जा आपूर्ति लाइनों को सुरक्षित करना है।

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