Kuala Lumpur Airport हादसा: रखरखाव की चूक से नाली में गिरा Saudia का विमान, फरवरी 2002 में हुआ था राइट ऑफ

हवाई सफर के इतिहास में एक ऐसा अजीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया था जब रखरखाव में छोटी सी गलती की वजह से एक बड़ा विमान सीधे पानी की नाली में जा गिरा था। यह घटना 23 अगस्त 2001 को मलेशिया के Kuala Lumpur International Airport पर हुई थी, जहां Saudia एयरलाइंस का एक बड़ा विमान दुर्घटना का शिकार हो गया। इस हादसे में गनीमत यह रही कि किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई, लेकिन विमान को ऐसा नुकसान पहुंचा कि उसे बाद में हमेशा के लिए सेवा से हटा दिया गया।
कैसे हुआ यह अजीब हादसा
घटना के दिन स्थानीय समयानुसार रात लगभग 10:08 बजे, Saudia का एक Boeing 747-300 विमान, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर HZ-AIO था, टैक्सीवे पर आगे बढ़ रहा था। विमान को मेंटेनेंस हैंगर से निकालकर पैसेंजर गेट पर ले जाया जा रहा था, ताकि इसे जद्दा, सऊदी अरब के लिए उड़ान भरने वाली शेड्यूल्ड फ्लाइट के लिए तैयार किया जा सके। उस समय विमान में 319 यात्री जद्दा जाने के लिए इंतजार कर रहे थे और विमान के अंदर केवल छह मेंटेनेंस कर्मचारी मौजूद थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस विमान की हाल ही में इंजन की समस्या के लिए मरम्मत की गई थी। जब विमान टैक्सीवे पर मुड़ रहा था, तो अचानक उसने अपना कंट्रोल खो दिया। जांच में सामने आया कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि auxiliary hydraulic pump के स्विच 'OFF' पोजीशन में थे, जिसकी वजह से नोजव्हील स्टीयरिंग और ब्रेकिंग सिस्टम काम नहीं कर रहे थे। उस वक्त विमान को केवल दो इंजनों की मदद से चलाया जा रहा था और नियंत्रण छूटने के बाद विमान सीधे मानसून की एक बड़ी जल निकासी नाली में जा गिरा।
विमान को हुआ भारी नुकसान और जांच
नाली से टकराने के कारण विमान के अगले हिस्से यानी कॉकपिट और आगे के फ्यूजलेज को बहुत गंभीर नुकसान पहुंचा। हालांकि शुरुआती दौर में एयरलाइंस ने इसे ठीक कराने पर विचार किया था, लेकिन नुकसान इतना ज्यादा था कि आखिरकार फरवरी 2002 में इस विमान को पूरी तरह से right off यानी सेवा से बाहर घोषित कर दिया गया।
कुआला लांपूर एयरपोर्ट के ऑपरेशंस चीफ Hamid Awang Hamid ने पुष्टि की थी कि कंट्रोल टॉवर से विमान को नाली में फिसलते हुए देखा गया था। विमान में सवार सभी छह मेंटेनेंस कर्मचारी सुरक्षित बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई। इस अनोखी दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंचे आपातकालीन दल के कर्मचारियों ने मजाक में कहा था कि विमान को शायद प्यास लगी थी और वह पानी पीने के लिए नीचे उतर गया था।
जांच और आगे की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए Saudia अधिकारियों ने तुरंत अपने सेफ्टी और टेक्निकल डिपार्टमेंट की एक टीम को जांच के लिए मलेशिया भेजा। इसके अलावा जद्दा से भी विशेषज्ञों को बुलाया गया और विमान को वहां से हटाने में मदद के लिए Boeing के कर्मचारियों की भी सहायता ली गई। कोऑपरेटिव इंश्योरेंस कंपनी के डायरेक्टर जनरल Mousa Al-Rubaian ने जानकारी दी कि Saudia ने लंदन स्थित एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी को इस नुकसान का आकलन करने के लिए नियुक्त किया था। साथ ही विमानन उद्योग से जुड़े सूत्रों का यह भी कहना था कि कुआला लांपूर एयरपोर्ट पर विमान के रखरखाव का काम संभालने वाली मेंटेनेंस कंपनी को इस बड़ी चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।