कराची में सात बलूच छात्र लापता, मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों पर लगाए गंभीर आरोप

पाकिस्तान के कराची शहर से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है जहाँ बलूच समुदाय के सात छात्र रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। इस घटना के बाद से मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों और रेंजर्स की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और छात्रों की तत्काल रिहाई की मांग की है। बलूचिस्तान के छात्रों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी चिंता जताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला
मानवाधिकार परिषद बलूचिस्तान (HRCB) के अनुसार, यह घटना पिछले बुधवार की है जब सुरक्षा बलों ने कराची के गुलशन-ए-इकबाल इलाके में स्थित छात्रों के आवास पर छापेमारी की। इस दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों और रेंजर्स ने कराची विश्वविद्यालय के पांच बलूच छात्रों को हिरासत में ले लिया। संगठन का दावा है कि हिरासत में लेने के दौरान छात्रों के साथ मारपीट की गई और उनका निजी सामान भी जब्त कर लिया गया। जिन छात्रों को उठाया गया है, उनमें अजहर बलूच, घोष बख्श बलूच, शहजाद बलूच, अनीस बलूच और वसीम बलूच शामिल हैं।
पहले भी सामने आए हैं ऐसे मामले
HRCB ने जानकारी दी कि इन पांच छात्रों के अलावा, हाल के दिनों में दो अन्य बलूच छात्र—एमफिल के विद्यार्थी खलील बलूच और जुबैर बलूच—भी कथित रूप से लापता हो गए थे। संगठन ने पाकिस्तानी प्रशासन से मांग की है कि वह लापता छात्रों का पता सार्वजनिक करे और उनकी सुरक्षा की गारंटी दे। यदि छात्रों पर कोई कानूनी आरोप है, तो उन्हें किसी भी तरह गुप्त रखने के बजाय सक्षम अदालत में पेश किया जाना चाहिए ताकि न्याय की प्रक्रिया पूरी हो सके।
मानवाधिकार संगठनों की कड़ी प्रतिक्रिया
बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) के मानवाधिकार विभाग ने इस जबरन गुमशुदगी को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का सरासर उल्लंघन बताया है। संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाओं से छात्रों की शिक्षा, उनकी निजी स्वतंत्रता और सुरक्षा के अधिकार पूरी तरह से कुचले जा रहे हैं। वहीं, बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) की नेता सबीहा बलूच ने इसे एक व्यवस्थित पैटर्न का हिस्सा करार दिया है, जिसमें बलूच छात्रों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
सुरक्षा बलों पर ड्रोन हमले का भी आरोप
इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच, बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (BVJ) ने एक और सनसनीखेज दावा किया है। संगठन के मुताबिक, बलूचिस्तान के खुजदार जिले के गोरू क्षेत्र में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की एक कथित ड्रोन कार्रवाई में एक नाबालिग बच्चे की जान चली गई है। नागरिक आबादी वाले इलाकों में इस तरह के सैन्य ऑपरेशनों पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई है और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की है। इस पूरे घटनाक्रम पर अधिक जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।