Sharjah में बड़ा हादसा, इमारत की तीसरी मंजिल से गिरकर सात साल की भारतीय बच्ची की मौत.

संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह शहर से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के अल नहदा इलाके में एक दर्दनाक हादसे के दौरान सात साल की भारतीय बच्ची की इमारत की तीसरी मंजिल से नीचे गिरने के बाद मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई इस परिवार के दुख में शामिल है। मृतका की पहचान Safa Mubarak के रूप में हुई है जो अपनी स्कूली पढ़ाई को लेकर काफी उत्साहित थी और हाल ही में गर्मियों की छुट्टियां मनाकर अपने परिवार के साथ यूएई वापस लौटी थी।
कैसे हुआ यह हादसा
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना सोमवार सुबह की है जब सफा अपने घर पर अकेली थी। उस समय सफा की मां काम पर गई हुई थीं और उसके पिता कुछ देर के लिए नीचे कार पार्किंग एरिया में गए हुए थे। शुरुआती जांच और परिवार के बयानों से पता चला है कि नींद खुलने के बाद बच्ची ने अपने पिता को देखने की कोशिश की होगी। इसी दौरान उसने स्लाइडिंग खिड़की की तरफ रुख किया और अपना संतुलन खो बैठी जिसके बाद यह भयानक हादसा हो गया। सफा मूल रूप से भारत के केरल राज्य के कासरगोड क्षेत्र की रहने वाली थी और वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। इस परिवार ने यूएई में कई साल बिताए हैं और इस अचानक हुए नुकसान से माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही Sharjah Police और इमरजेंसी टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई थीं। पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया और मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक विभाग में भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों की शुरुआती जांच में इस मामले को पूरी तरह से एक दुर्घटना माना जा रहा है और इसमें किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि या संदेह की बात सामने नहीं आई है। परिवार के लोग इस समय स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर सभी जरूरी कानूनी और अंतिम संस्कार की औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे हुए हैं। परिवार की योजना इस बच्ची को यूएई में ही सुपुर्द-ए-खाक करने की है ताकि वे उसकी यादों के करीब रह सकें।
प्रवासी परिवारों के लिए जरूरी चेतावनी
इस तरह की घटनाएं खाड़ी देशों में रहने वाले उन सभी भारतीय परिवारों के लिए एक बड़ी चेतावनी हैं जो ऊंचे अपार्टमेंट्स या बहुम मंजिल इमारतों में रहते हैं। स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा जानकारों ने साफ तौर पर सलाह दी है कि जिन घरों में छोटे बच्चे हैं, वहां के अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। घरों की खिड़कियों पर मजबूत विंडो लॉक, गार्ड या रिस्ट्रिक्टर जरूर लगवाने चाहिए ताकि बच्चे खिड़कियों तक आसानी से न पहुंच सकें। इसके अलावा पलंग, सोफा या अन्य फर्नीचर को हमेशा खिड़कियों और बालकनी से दूर रखना चाहिए ताकि बच्चे उस पर चढ़कर बाहर न झांक सकें। अधिकारियों का यह भी कहना है कि छोटे बच्चों को कभी भी खुली ऊंचाई वाली जगहों या बालकनी के पास अकेला नहीं छोड़ना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।