Sharjah: शारजाह के खोरफakkan प्रशासनिक योजना का काम पूरा, पर्वत शिखर पर बनेगा नया आवासीय क्षेत्र

शारजाह के शासक H.H. Sheikh Dr. Sultan bin Mohammed Al Qasimi ने खोरफakkan की नई प्रशासनिक योजना के पूरा होने का बड़ा ऐलान किया है। इस बात की जानकारी उन्होंने 11 अगस्त 2026 को शारजाह ब्रॉडकास्टिंग अथॉरिटी के महानिदेशक मोहम्मद हसन खलाफ के साथ 'डायरेक्ट लाइन' कार्यक्रम के दौरान दी। शासक ने बताया कि कलबा की तरह ही खोरफakkan की योजना को भी पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द ही जनता के सामने सार्वजनिक किया जाएगा।
बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी साफ किया कि अल हावामी से लेकर अल अकाबा तक के सभी आसपास के इलाके केवल उपनगर नहीं हैं, बल्कि खोरफakkan का मुख्य हिस्सा हैं। आम लोगों की सुविधा और क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों को भविष्य में बेहतर प्रशासनिक और बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
अल अवीन पर्वत पर बनेगा नया आवासीय प्रोजेक्ट
शारजाह प्रशासन अब एक बहुत बड़े शहरी विकास प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिसके तहत Al Aween Mountain के शिखर को समतल किया जाएगा। इस पहाड़ की चोटी पर एक नया आवासीय क्षेत्र बसाया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में लोगों के रहने की व्यवस्था होगी। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य जमीन की कमी की समस्या को दूर करना और बढ़ते शहरीकरण के बीच नागरिकों के लिए आधुनिक आवास उपलब्ध कराना है।
शासक ने यह भी बताया कि अल अवीन पर्वत विक्टोरिया स्कूल से लेकर अल घाजीर तक फैला हुआ है, जिसमें अल अशकर इलाका भी शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'अल अशकर' नाम का मतलब हल्की भूरी मिट्टी वाले पहाड़ से है, न कि किसी गोरे रंग से। अधिकारियों का मानना है कि इस योजना के धरातल पर उतरने से शारजाह के इस क्षेत्र का नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा और लोगों को रहने के लिए बेहतरीन जगह मिलेगी।
ऐतिहासिक नामों को वापस लाने पर जोर
स्थानों के नामकरण को लेकर शासक ने विशेष निर्देश दिए हैं कि जगहों के नाम हमेशा सकारात्मक अर्थ वाले होने चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अल नखील, अल लुलुया, अल जुबारा और हासी को मिलाने वाले उपनगर का पुराना ऐतिहासिक नाम Al Subaihiya फिर से बहाल कर दिया गया है। उन्होंने यह भी साझा किया कि वे 'अल हरय' नाम को लेकर थोड़े असहज थे क्योंकि इस नाम का संबंध सांपों से जुड़ता है, और सरकार चाहती है कि जगहों के नाम हमेशा अच्छी और सकारात्मक भावना दें।