Bangladesh: शेख हसीना का दिसंबर में लौटने का एलान, कहा- अपनी मातृभूमि में वापस आना मेरा फर्ज है

Praggya Singh sabal5 August 20262 min read63 viewsWorld
Bangladesh: शेख हसीना का दिसंबर में लौटने का एलान, कहा- अपनी मातृभूमि में वापस आना मेरा फर्ज है

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina ने 5 अगस्त 2026 को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह इस साल दिसंबर के महीने में अपने देश वापस लौटेंगी। अपनी सरकार के गिरने की दूसरी बरसी के मौके पर नई दिल्ली से एक ऑडियो संदेश जारी करते हुए उन्होंने कहा कि देश लौटना उनका कर्तव्य है, चाहे उन्हें इसके लिए अपनी गिरफ्तारी या मौत का सामना ही क्यों न करना पड़े। उन्होंने अपने ऊपर चल रहे कानूनी मामलों और अपनी पार्टी, Awami League, पर लगे प्रतिबंध को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित और झूठा करार दिया है।

बांग्लादेश सरकार ने जताया कड़ा विरोध

शेख हसीना के इस बयान के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने नाराजगी जाहिर की है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार द्वारा उन्हें दिल्ली में मीडिया संबोधन करने की अनुमति देने पर सवाल उठाए हैं। बांग्लादेश सरकार ने इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ बताया है और भारत के सामने अपनी चिंता दर्ज कराई है। प्रधानमंत्री Tarique Rahman के सलाहकार Zahed Ur Rahman ने 4 अगस्त को स्पष्ट किया कि ढाका सरकार चाहती है कि भारत 2013 की प्रत्यर्पण संधि का पालन करे। बांग्लादेश के अधिकारियों का कहना है कि वे शेख हसीना के लौटने पर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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कानूनी लड़ाई और राजनयिक तनाव

आपको बता दें कि शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में निर्वासन में रह रही हैं। बांग्लादेश की एक अदालत ने 17 नवंबर 2025 को उन्हें 2024 के विद्रोह के दौरान हुए दमन और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। भारत सरकार का इस पर अब तक यही रुख रहा है कि यह एक कानूनी प्रक्रिया का मामला है और कानून अपना काम करेगा। भारत ने अभी तक उनके प्रत्यर्पण को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिए हैं।

इस पूरे मामले की वजह से भारत और बांग्लादेश के बीच के द्विपक्षीय संबंधों में काफी खिंचाव आ गया है। बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही नई सरकार और भारत के बीच तनाव की खबरें लगातार आती रही हैं। हसीना का भारत में रहना और वहां से राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना ढाका की सरकार को नागवार गुजर रहा है, जिसकी वजह से दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत काफी जटिल हो गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि दिसंबर में जब शेख हसीना की वापसी की बात सामने आएगी, तो दोनों देशों की सरकारें इसे किस तरह से संभालती हैं और इसका असर आम जनता के जीवन पर किस हद तक पड़ता है।

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