Hormuz Strait: ओमान और ईरान के बीच समझौते की अटकलों के बीच दुनिया भर की शिपिंग कंपनियों ने UN को लिखी चिट्ठी

दुनिया भर की समुद्री व्यापार व्यवस्था में हलचल तेज हो गई है। आठ सबसे बड़ी शिपिंग संस्थाओं ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) को एक पत्र लिखकर होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह के अनिवार्य टोल या ट्रांजिट शुल्क लगाने का कड़ा विरोध किया है। 3 अगस्त 2026 को तैयार की गई और 6 अगस्त 2026 को सार्वजनिक की गई यह अपील सीधे तौर पर UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और IMO महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज को भेजी गई है।
शिपिंग कंपनियों की चिंता और अंतरराष्ट्रीय नियम
इंटरनेशनल चैंबर ऑफ शिपिंग, BIMCO और वर्ल्ड शिपिंग काउंसिल जैसे प्रमुख संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई नया टैक्स लगाया जाता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के ढांचे को कमजोर कर देगा। उनका तर्क है कि समुद्री रास्तों पर स्वतंत्र आवाजाही एक अधिकार है, जिसे किसी भी देश को राजनीतिक सौदेबाजी के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। यदि यहाँ टोल लागू होता है, तो यह दुनिया भर के अन्य महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों के लिए एक बुरा उदाहरण पेश कर सकता है, जिससे भविष्य में व्यापार महंगा और जटिल हो जाएगा।
ईरान और ओमान के बीच बातचीत की स्थिति
उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने 6 अगस्त 2026 को जानकारी दी कि ईरान और ओमान के बीच शिपिंग रूट के भौगोलिक निर्देशांक (coordinates) तय हो चुके हैं और अब वे एक संयुक्त बयान तैयार करने के अंतिम चरण में हैं। हालांकि, ईरान ने साफ किया है कि कोई भी समझौता तब तक सुरक्षित नहीं माना जा सकता जब तक अमेरिका अपने नौसैनिक प्रतिबंधों को खत्म नहीं करता और ईरानी बंदरगाहों पर कार्रवाई बंद नहीं करता।
ईरान के अधिकारियों ने पहले इसे एक 'सर्विस शुल्क' के रूप में पेश करने का सुझाव दिया था, जिसमें कमाई को तेहरान और मस्कट के बीच साझा करने की बात थी। लेकिन इस दावे को अमेरिकी अधिकारियों ने सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि किसी भी अस्थायी रूट में ईरान को कोई भी टोल लेने या अनुमति देने का अधिकार नहीं होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस जलडमरूमध्य को खोलने के लिए समझौता होने का संकेत दिया है और ईरान को कड़ा संदेश भेजा है।
आम लोगों और प्रवासियों पर असर
आम तौर पर इस तरह की समुद्री गतिविधियों का सीधा असर तेल की कीमतों और जरूरी वस्तुओं की ढुलाई पर पड़ता है। खाड़ी के देशों में काम करने वाले लाखों प्रवासियों के लिए यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक मुख्य केंद्र है। अगर यहाँ तनाव बढ़ता है या शुल्क जैसे विवाद पैदा होते हैं, तो इसका असर वैश्विक बाजार पर पड़ना तय है। ओमान ने पहले ही IMO को बता दिया है कि वह अनिवार्य टोल के खिलाफ है, हालांकि सुरक्षा और पर्यावरण की रक्षा के लिए वे स्वैच्छिक सहयोग के लिए तैयार हैं। यह समझौता फिलहाल केवल दो से चार महीने की अस्थायी अवधि के लिए होने की उम्मीद जताई गई है, लेकिन इसकी बारीकियों पर अभी भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।