बिहार में बाढ़ का खतरा, नेपाल में भारी बारिश के बाद सीवान जिला प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट.

नेपाल और तिब्बत में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसे लेकर बिहार के कई जिलों में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सीवान जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो चुका है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार सतर्क किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके। प्रशासन ने साल 2020 की बाढ़ से सबक लेते हुए इस बार पहले से ही पुख्ता इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। इस संबंध में मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने आपदा से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं और सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल बनाकर काम करने का निर्देश दिया गया है। इस पूरी स्थिति पर नजर रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार बैठकें की जा रही हैं और अधिकारियों को मैदानी इलाकों में जाकर स्थिति का जायजा लेने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
आपातकालीन बैठक और अधिकारियों को निर्देश
संभावित खतरे से निपटने के लिए बुधवार की शाम को सीवान के जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा की अध्यक्षता में एक अहम आपातकालीन समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई जिसमें जिले के तमाम बड़े अधिकारी और तकनीकी विभागों के अभियंता शामिल हुए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि वे किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं। उन्होंने विशेष तौर पर साल 2020 के बाढ़ के अनुभवों को याद करते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा। उस दौरान सारण तटबंध में रिसाव होने और उसके टूटने की वजह से जिले के कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हो गए थे। जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार उसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील बिंदुओं पर कड़ी नजर रखी जाए ताकि इतिहास खुद को न दोहराए और लोगों के जान-माल की रक्षा समय रहते की जा सके।
संवेदनशील अंचलों पर विशेष निगरानी और सुरक्षा उपाय
प्रशासन ने पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए सीवान जिले के पांच प्रमुख अंचलों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना है। इन अंचलों में बसंतपुर, लकड़ी नवीगंज, गोरेयाकोठी, भगवानपुर हाट और बड़हरिया शामिल हैं, जहां पिछले साल सारण तटबंध टूटने से भारी तबाही मची थी। जिलाधिकारी ने इन सभी पांचों अंचलों में 24 घंटे लगातार निगरानी रखने का सख्त निर्देश जारी किया है। इसके अलावा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और अभियंताओं को पड़ोसी जिले गोपालगंज के प्रशासन तथा तटबंध से जुड़े अन्य इंजीनियरों के साथ लगातार संपर्क में रहने को कहा गया है। तटबंध की मौजूदा स्थिति और गंडक नदी के बैकवाटर के प्रभाव पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि पानी के दबाव को समय रहते समझा जा सके। संबंधित प्रखंड विकास अधिकारियों और अंचलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने इलाकों में सरकारी और निजी नावों की व्यवस्था पक्की रखें, गोताखोरों को तैयार रखें और ऊंचे स्थानों पर बने आपदा शरण स्थलों को पूरी तरह दुरुस्त कर लें ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को वहां तुरंत शिफ्ट किया जा सके।
स्वास्थ्य, पशुपालन और अन्य विभागों की तैयारी
बाढ़ और जलजमाव की स्थिति में आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। सिविल सर्जन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश यानी सांप के काटने पर दी जाने वाली दवा, ओआरएस के पैकेट, हैलोजन टैबलेट और ब्लीचिंग पाउडर का पर्याप्त स्टॉक हमेशा उपलब्ध रहे। इसके साथ ही जिला पशुपालन पदाधिकारी को मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा और उनके टीकाकरण की व्यवस्था को दुरुस्त रखने को कहा गया है ताकि बाढ़ के समय बेजुबान जानवरों को भी समय पर मदद मिल सके। दूसरी ओर विद्युत विभाग, पीएचईडी यानी पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, पथ निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। इन विभागों से कहा गया है कि यदि बाढ़ या जलजमाव जैसी कोई स्थिति बनती है, तो वे तुरंत एक्शन में आएं ताकि लोगों के घरों तक पीने का पानी, बिजली की सप्लाई और सड़क मार्ग का संपर्क किसी भी कीमत पर बाधित न होने पाए। इसके लिए त्वरित कार्रवाई दलों को भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने के निर्देश दे दिए गए हैं।
प्रशासन की अपील और नियंत्रण कक्ष का नंबर
इस संभावित खतरे को लेकर जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। प्रशासन ने साफ किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अधिकारी हर एक गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों से कहा गया है कि वे केवल प्रशासन द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक या डरावनी खबरों को आगे बढ़ाने से बचें ताकि समाज में अनावश्यक डर का माहौल न बने। जनता की मदद के लिए जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष यानी कंट्रोल रूम बनाया गया है जो 24 घंटे काम कर रहा है। यदि किसी भी नागरिक को किसी भी तरह की आपात स्थिति या मदद की जरूरत महसूस होती है, तो वे तुरंत स्थानीय प्रशासन या नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक दूरभाष नंबर 06154-242000 जारी किया गया है जिस पर कभी भी फोन करके सहायता मांगी जा सकती है। इस बारे में अधिक जानकारी और अपडेट के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जा सकते हैं।