जानेमाने फिलिस्तीनी कलाकार Sliman Mansour का 79 वर्ष की आयु में निधन, कला जगत में शोक की लहर.

Nura Basta25 August 20262 min read46 viewsWorld
जानेमाने फिलिस्तीनी कलाकार Sliman Mansour का 79 वर्ष की आयु में निधन, कला जगत में शोक की लहर.

समकालीन फिलिस्तीनी कला के दिग्गज और जानेमाने कलाकार Sliman Mansour का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। वह 79 वर्ष के थे और पूर्वी यरुशलम के Al-Makassed Hospital में अपना इलाज करा रहे थे। उनके परिवार ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को उनके निधन की दुखद खबर साझा की। परिवार ने अपने शोक संदेश में बताया कि उनके प्यारे पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे और उनके जाने से दिल बेहद भारी है।

फिलिस्तीनी संस्कृति मंत्रालय ने दी श्रद्धांजलि

फिलिस्तीनी संस्कृति मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से शोक व्यक्त करते हुए Sliman Mansour को समकालीन फिलिस्तीनी दृश्य कला का एक मुख्य स्तंभ बताया है। मंत्रालय ने उनके साल 1973 में बनाए गए प्रसिद्ध चित्र 'Jamal Al-Mahamel' जिसे 'Camel of Hardship' या 'Camel of Burdens' भी कहा जाता है, को एक राष्ट्रीय प्रतीक माना है। अधिकारियों ने कहा कि उनकी कला ने फिलिस्तीनी इतिहास को संजोने और पहचान को बचाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।

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कला और संघर्ष से जुड़ा रहा पूरा जीवन

Sliman Mansour के पूरे कला सफर में फिलिस्तीनी पहचान, इतिहास, विस्थापन और वहां की प्राकृतिक सुंदरता का खास प्रभाव दिखा। उनकी कलाकृतियों में जैतून के पेड़, ग्रामीण परिवेश, पारंपरिक पहनावा और यरुशलम की झलक प्रमुखता से मिलती थी। उनके मशहूर कार्यों में 'Rituals under Occupation' (1989), 'Patience and Hope' (1976), 'The Portrait' (2017 और 2019), 'Symbol of Hope' (1985), 'Olive Harvest' (1988), 'Shrinking Object' (1996), 'The Sea is Mine' (2016) और 'From the River to the Sea' (2021) शामिल हैं।

सांस्कृतिक क्षेत्र में योगदान

पेंटिंग के अलावा वह फिलिस्तीनी सांस्कृतिक क्षेत्र में एक प्रभावशाली शख्सियत रहे। उन्होंने साल 1987 में New Visions Collective की सह-स्थापना की थी, जिस समूह ने इजरायली कला आपूर्ति का बहिष्कार किया था और इसके बजाय मिट्टी, मेहंदी और स्थानीय सामग्री का उपयोग किया था। इसके अलावा उन्होंने पूर्वी यरुशलम में Al-Wasiti Art Centre की स्थापना की और International Academy of Art Palestine के संस्थापक बोर्ड में भी अपनी सेवाएं दीं। उनके निधन के बाद दुनिया भर से उनके चाहने वालों ने 25 अगस्त 2026 को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार द्वारा जल्द ही उनके अंतिम संस्कार और प्रार्थना सभा की तारीख का ऐलान किया जाएगा।

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