दक्षिण कोरिया को अमेरिका का बड़ा झटका, ईरान संघर्ष में साथ पाने के लिए कम किए सैन्य अभ्यास.

Nura Basta19 August 20262 min read74 viewsWorld
दक्षिण कोरिया को अमेरिका का बड़ा झटका, ईरान संघर्ष में साथ पाने के लिए कम किए सैन्य अभ्यास.

दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उस फैसले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है जिसके तहत संयुक्त Ulchi Freedom Shield (UFS) सैन्य अभ्यास को काफी हद तक कम कर दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यह कदम सियोल को ईरान के साथ चल रहे अमेरिकी संघर्ष में समर्थन देने के लिए मजबूर करने की एक सोची-समझी सामरिक चाल है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह घोषणा 16 August 2026 को की थी। इस फैसले के पीछे मुख्य कारण दक्षिण कोरिया द्वारा ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण में मदद करने से इनकार करना बताया गया। इसके अलावा, ट्रंप उत्तर कोरियाई नेता Kim Jong Un के साथ अपने रिश्तों को बेहतर बनाए रखना चाहते हैं और उन खर्चीले अभ्यासों को खत्म करना चाहते हैं जिन्हें वह अनुचित और शत्रुतापूर्ण मानते थे।

सैन्य अभ्यास की अवधि में कटौती और आधिकारिक प्रतिक्रिया

यह संयुक्त सैन्य अभ्यास मूल रूप से 11 दिनों के लिए तय किया गया था और इसकी शुरुआत 17 August 2026 को होनी थी, लेकिन इसे समय से पहले ही छोटा कर दिया गया और यह अभ्यास 21 August 2026 को ही समाप्त हो गया। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth को इन कटौतियों को लागू करने का निर्देश दिया गया था। पेंटागन के अधिकारियों का यह कहना था कि इन बदलावों से जरूरी ट्रेनिंग के उद्देश्यों पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, दक्षिण कोरिया के ज्वॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने इस बात की पुष्टि की कि यह छोटा शेड्यूल अमेरिका के एक स्पष्ट अनुरोध के बाद तैयार किया गया था और दोनों देशों ने आपसी सहमति से ज्वॉइंट फील्ड ट्रेनिंग को कम किया है।

सुरक्षा गठबंधन पर असर और क्षेत्रीय चिंताएं

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae Myung के कार्यालय ने यह साफ किया कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच का रक्षा गठबंधन देश की राष्ट्रीय सुरक्षा का मुख्य आधार बना हुआ है, लेकिन वे इस घोषणा के प्रभावों की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, सियोल घरेलू कानूनी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन की स्वतंत्रता के संबंध में संभावित सैन्य योगदान पर विचार कर रहा है। दूसरी ओर, कॉर्नेल विश्वविद्यालय के इतिहासकार David Silbey समेत कई सैन्य विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के कदम से दोनों देशों की संयुक्त युद्ध तैयारी कमजोर हो सकती है और आपसी गठबंधन को नुकसान पहुंच सकता है। इस बीच, उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी KCNA ने इन अभ्यासों को उन्मादी और बेहद खतरनाक बताते हुए इनकी कड़ी निंदा करना जारी रखा है, जबकि अमेरिका की नई नीतियों के कारण कोरियाई प्रायद्वीप और ईरान के आसपास भू-राजनीतिक हलचल लगातार बढ़ती जा रही है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment