Saudi Arabia पर हौथी मिलिशिया का हमला, स्पेन ने की कड़ी निंदा और क्षेत्रीय शांति की अपील

मध्य पूर्व के देशों में सुरक्षा की स्थिति को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है जब यमन के हौथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर लगातार हमले शुरू कर दिए हैं। स्पेन सरकार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए 9 अगस्त 2026 को हौथी मिलिशिया द्वारा सऊदी अरब पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) से मिली जानकारी के अनुसार स्पेन ने साफ किया है कि कमर्शियल जहाजों और क्षेत्रीय शांति को निशाना बनाना बेहद गंभीर बात है और इसके चलते इलाके में तुरंत तनाव कम करने की जरूरत है।
मखा बंदरगाह और जाजान रिफाइनरी पर हमला
यमन के हौथी विद्रोहियों ने यह दावा किया था कि उन्होंने लाल सागर के तट पर स्थित यमन के सरकारी नियंत्रण वाले मखा पोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया जिसमें कुछ लोगों के हताहत होने की खबर सामने आई। इसके अलावा सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने भी यह पुष्टि की कि उसी दिन जाजान में अरामको की एक रिफाइनरी में आग लग गई थी। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ और आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। हौथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने बताया कि जाजान रिफाइनरी पर यह ड्रोन हमला सऊदी अरब द्वारा यमन के हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के जवाब में किया गया था। इस हमले से जुड़ी विस्तृत जानकारी Saudi Press Agency (SPA) पर साझा की गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहा है दबाव
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने 28 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने सऊदी जहाजों पर हमलों की निंदा करते हुए सऊदी अरब की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति पूर्ण समर्थन जताया था जिसकी पुष्टि SPA के आधिकारिक विवरण में की गई है। इसके अलावा यूरोपीय संघ ने भी 8 अगस्त 2026 को सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र और यमन के मारिब में नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाए जाने वाले हमलों की कड़ी आलोचना की थी।
संयुक्त राष्ट्र और सऊदी विदेश मंत्रालय का रुख
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 7 अगस्त 2026 को एक बयान जारी कर सऊदी अरब और कमर्शियल जहाजों पर हो रहे मिसाइल हमलों की निंदा की थी। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र के इस कदम का स्वागत किया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शांति प्रयासों को खतरे में डालने वाली इन गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि देश को अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। इस संबंध में आधिकारिक बयान Saudi Press Agency (SPA) पर जारी किया गया था। इन लगातार हमलों के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और कामगारों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।