श्रीलंका में ईस्टर बम धमाकों पर कोर्ट का बड़ा फैसला, पूर्व पुलिस चीफ और रक्षा सचिव को मौत की सजा

श्रीलंका की एक अदालत ने 31 जुलाई 2026 को ईस्टर संडे बम धमाकों के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पूर्व पुलिस प्रमुख Pujith Jayasundara और पूर्व रक्षा सचिव Hemasiri Fernando को मौत की सजा सुनाई है। इन दोनों अधिकारियों को 21 अप्रैल 2019 को हुए हमलों को रोकने में विफलता, आपराधिक लापरवाही और हत्या में मदद करने का दोषी पाया गया है। इन धमाकों में 279 लोगों की जान गई थी, जिनमें 42 से 45 विदेशी नागरिक भी शामिल थे, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
खुफिया जानकारी को नजरअंदाज करने का आरोप
अदालत की तीन सदस्यीय बेंच ने माना कि अधिकारियों को हमलों की खुफिया जानकारी थी, लेकिन उन्होंने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया। सुनवाई के दौरान सामने आया कि 20 अप्रैल 2019 को स्टेट इंटेलिजेंस सर्विस के तत्कालीन निदेशक ने पुलिस चीफ को संभावित आत्मघाती हमलों के बारे में स्पष्ट जानकारी दी थी। इसके अलावा, 4 अप्रैल 2019 को भारतीय खुफिया एजेंसी ने भी संभावित हमले के प्रति आगाह किया था।
आगे क्या होगा
दोषियों के वकीलों ने बताया कि वे इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। श्रीलंका में 1976 से फांसी की सजा पर रोक लगी हुई है, जिसके चलते अक्सर मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया जाता है। श्रीलंका के राष्ट्रपति Anura Kumara Dissanayake भी फांसी पर लगी इस रोक का समर्थन करते हैं। हालांकि, देश का कैथोलिक चर्च का मानना है कि इस साजिश के पीछे अभी भी असली मास्टरमाइंड छिपे हुए हैं और जिन लोगों को सजा मिली है, वे पूरी साजिश का हिस्सा मात्र हैं।