Sri Lanka में जेल के अंदर भड़की हिंसा, दंगों और फायरिंग में 3 कैदियों की मौत और कई घायल.

Nura Basta7 August 20262 min read61 viewsWorld
Sri Lanka में जेल के अंदर भड़की हिंसा, दंगों और फायरिंग में 3 कैदियों की मौत और कई घायल.

श्रीलंका की जेलों में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। 7 अगस्त 2026 को श्रीलंका की अलग-अलग जेलों में हुए दंगों में 3 कैदियों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग बुरी तरह घायल बताए जा रहे हैं। इन घटनाओं के बाद सरकार ने स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस, दंगा निरोधक दस्ते और सैन्य बलों को भारी संख्या में तैनात किया है।

साजिश की आशंका और सरकारी जांच

सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री Ananda Wijepala ने संसद में इस बात की पुष्टि की है कि इन दंगों के पीछे एक सोची-समझी साजिश हो सकती है। शुरुआती जांच में अधिकारियों को इन घटनाओं के बीच एक पैटर्न दिखाई दे रहा है। जेलों में अशांति की शुरुआत 6 अगस्त की रात को कोलंबो की Welikada Prison से हुई, जहाँ लगभग 40 कैदियों ने भागने की कोशिश की। इस दौरान हुई झड़प में एक कैदी की मौत हो गई और 10 लोग घायल हो गए। इसके बाद शुक्रवार सुबह Kuruwita Prison में हिंसा भड़क गई, जिसमें 2 कैदी मारे गए और 13 से 14 लोग घायल हुए। कोलंबो की Magazine Prison में भी एक कैदी की मौत हुई है। न्याय मंत्री Harshana Nanayakkara ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जेलों में फैल रही इस हिंसा के पीछे नशीले पदार्थों के तस्कर और आपराधिक गिरोहों का हाथ हो सकता है।

जेलों में क्षमता से अधिक कैदी

श्रीलंका की जेलों की बदहाली इन दंगों की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इन जेलों की क्षमता मात्र 11,000 कैदियों की है, लेकिन वर्तमान में यहाँ 41,000 से अधिक कैदी बंद हैं, जो अपनी तय सीमा से करीब चार गुना अधिक है। जुलाई की शुरुआत में ही Negombo prison में हुए दंगों में 26 से 27 लोगों की जान जा चुकी है। स्थिति को देखते हुए सरकार अब खाली पड़ी सरकारी इमारतों को जेलों में बदलने की योजना बना रही है। इसके अलावा, जेलों की भीड़ कम करने के लिए हाउस अरेस्ट कानून लाने और जजों का कार्यकाल बढ़ाने जैसे सुधारों पर भी विचार किया जा रहा है ताकि कैदियों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके। Committee for Rights of Prisoners का कहना है कि कैदी लंबे समय से खराब परिस्थितियों के बावजूद धैर्य रखे हुए थे, लेकिन अब स्थिति गंभीर होती जा रही है।

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