नेपाल-भारत बॉर्डर पर भयानक बाढ़ का कहर, SSB की टीमें तैनात और 400 लोग लापता.

नेपाल और भारत की सीमा पर बुधवार सुबह एक भयानक प्राकृतिक आपदा आ गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। तिब्बत की तरफ से अचानक आए तेज पानी के बहाव और भीषण फ्लैश फ्लड ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है, जिसका असर अब भारत के सीमावर्ती जिलों पर भी पड़ रहा है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए भारतीय सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हो गए हैं और राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि किसी भी अनहोनी से समय रहते निपटा जा सके।
एसएसबी ने संभाला मोर्चा और राहत टीमें सक्रिय
सीमा सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली सशस्त्र सीमा बल यानी SSB ने भारत-नेपाल बॉर्डर के पास अपनी सभी यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रख दिया है। ताजा हालात से निपटने के लिए कुल 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमों को तुरंत मौके पर उतार दिया गया है, जबकि सुरक्षा के लिहाज से 7 अतिरिक्त टीमों को पूरी तरह से स्टैंडबाय पर रखा गया है। यह पानी का तेज बहाव तिब्बत की तरफ से आकर नेपाल की प्रसिद्ध Bhote Koshi River में गिरा था, जिससे अचानक हालात बेकाबू हो गए। सरकारी और आधिकारिक रिपोर्ट्स के मुताबिक इस आपदा में अब तक 8 से 19 लोगों की जान जाने की खबर सामने आई है, जबकि लगभग 400 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में करीब 105 भारतीय नागरिक और 37 नॉन-रेसिडेंट इंडियन यानी एनआरआई शामिल हैं, जो उस दौरान पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे। इस पूरी तबाही और राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी आप ANI News Report में पढ़ सकते हैं।
बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान और कूटनीतिक बातचीत
इस अचानक आई आपदा ने नेपाल के कई इलाकों में सड़क, पुल और कम से कम 12 जलविद्युत परियोजनाओं यानी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को मिट्टी में मिला दिया है। नेपाल के रासुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में पानी के तेज सैलाब ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया है। इस गंभीर संकट को देखते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालें शाह से फोन पर सीधी बातचीत की और इस मुश्किल समय में हरसंभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और नेपाल के प्रभावित नागरिकों को भी जरूरी मदद पहुंचाई जा सके।
भारत के कई राज्यों में बाढ़ का खतरा और विशेष एडवाइजरी
जल शक्ति मंत्रालय के तहत काम करने वाले केंद्रीय जल आयोग यानी Central Water Commission (CWC) ने उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए एक विशेष बाढ़ चेतावनी जारी की है। चूंकि भूटे कोशी नदी का पानी आगे चलकर गंडक नदी प्रणाली में मिलता है, इसलिए बिहार और यूपी के अधिकारियों को गंडक नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण और सीवान जिलों के प्रशासन को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है, और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की टीमों को भी बिहार में स्टैंडबाय पर रखा गया है। एसएसबी के जवान घाघरा, करनाली और महाकाली नदियों के आसपास लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि पानी छोड़े जाने से पहले ही सभी तैयारियां पूरी की जा सकें। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित भारतीयों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, और अमेरिकी दूतावास ने भी अपने नागरिकों के लिए ट्रेवल एडवाइजरी जारी कर नदियों के किनारों से दूर रहने की अपील की है। अतिरिक्त टीमों और अन्य अपडेट्स के लिए आप ANI National Category पर जा सकते हैं।