Strait of Hormuz: ओमान के साथ बातचीत अंतिम चरण में, लेकिन अमेरिका का जब तक ब्लॉक नहीं हटेगा तब तक नहीं खुलेगा रास्ता.

Sushma Kumari10 August 20262 min read82 viewsOman
Strait of Hormuz: ओमान के साथ बातचीत अंतिम चरण में, लेकिन अमेरिका का जब तक ब्लॉक नहीं हटेगा तब तक नहीं खुलेगा रास्ता.

तेहरान, ईरान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ ईरानी विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी को पूरी तरह से खत्म नहीं करता, तब तक सामरिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को दोबारा नहीं खोला जाएगा। 10 अगस्त 2026 को ईरानी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी और कहा कि वाशिंगटन को अपनी सभी विनाशकारी गतिविधियों को तुरंत रोकना होगा। इस पूरे मामले पर अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने दोहराया कि जब तक अमेरिका पिछले समझौते और मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग का उल्लंघन करना बंद करके हर्जाना नहीं देता, तब तक ईरान सीधी बातचीत की टेबल पर नहीं बैठेगा।

ओमान के साथ नए शिपिंग रूट पर बातचीत जारी

एक तरफ जहां अमेरिका के साथ तनाव चरम पर है, वहीं दूसरी तरफ ओमान के साथ नए शिपिंग रूट को लेकर बातचीत बिल्कुल सही दिशा में आगे बढ़ रही है। 9 अगस्त 2026 को ईरानी विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने बताया कि ओमान के साथ यह चर्चा अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। इन द्विपक्षीय बैठकों का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित समुद्री यातायात को बढ़ावा देना, पर्यावरण की सुरक्षा करना और समुद्र में होने वाले अपराधों पर लगाम लगाना है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ओमान के साथ किसी भी समझौते पर मुहर लगने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz अपने आप पूरी तरह से खुल जाएगा, क्योंकि इसके लिए मध्यस्थों के जरिए रखी गई बाकी शर्तों का पूरा होना भी जरूरी है।

ईरान की सरकार और सेना की कड़ी शर्तें

देश की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलने के लिए लंबी और कड़ी शर्तें रखी हैं। इन मांगों में अमेरिका द्वारा सभी तरह की आक्रामकता को बंद करना, मौखिक धमकियां न देना, नौसैनिक नाकाबंदी हटाना, इलाके से अपनी सभी नौसैनिक और वायु सेना को वापस बुलाना, युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई करना, सारे प्रतिबंध हटाना और फ्रीज की गई ईरानी संपत्ति को तुरंत रिहा करना शामिल है। आपको बता दें कि इस साल मार्च 2026 से ही अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद से यह जलमार्ग प्रभावी रूप से बंद चल रहा है, जिसके जवाब में ईरान ने इस रास्ते को ब्लॉक कर दिया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने 9 अगस्त को यह रिपोर्ट दी थी कि अमेरिकी बलों ने इस नाकाबंदी के दौरान अब तक 55 कमर्शियल जहाजों का रूट बदला है और दो जहाजों को पूरी तरह से अक्षम कर दिया है।

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