Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकाबंदी के बीच जहाजों की आवाजाही रही बेहद कम, ईरान ने खारिज किया नियंत्रण का दावा

फारस की खाड़ी और आसपास के समुद्री इलाकों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है क्योंकि अमेरिका की तरफ से ईरानी बंदरगाहों पर दोबारा नौसैनिक नाकाबंदी लागू किए जाने के बाद से Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। Al Jazeera English की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 जुलाई 2026 को नाकाबंदी फिर से शुरू होने के बाद से इस बेहद अहम जलमार्ग से अब तक केवल 97 जहाज ही पार कर पाए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को बहुत बड़ा झटका लगा है। इससे पहले 13 अप्रैल से 18 जून 2026 के बीच भी नाकाबंदी का दौर चला था, जिसके बाद से हालात लगातार सामान्य होने का नाम नहीं ले रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 12-13 अगस्त को यह दावा किया था कि अमेरिका का Strait of Hormuz पर "कुल नियंत्रण" है और उन्होंने इस नौसैनिक नाकाबंदी को स्टील की दीवार बताया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने यह जानकारी दी कि 12 अगस्त तक अमेरिकी बलों ने पाबंदियों को सख्ती से लागू करने के लिए 59 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला, 3 जहाजों को निष्क्रिय किया और 2 जहाजों पर बोर्डिंग की कार्रवाई की। दूसरी तरफ, ईरान के पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी यानी PGSA ने राष्ट्रपति ट्रम्प के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। ईरानी अधिकारियों का साफ कहना है कि यह जलमार्ग अभी भी पूरी तरह बंद है और तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक ईरान की सभी मांगें नहीं मान ली जातीं। ईरान की शर्तों में युद्ध और नाकाबंदी को तुरंत खत्म करना, ईरान की जमी हुई संपत्तियों को वापस करना और लेबनान तथा गाजा समेत पूरे क्षेत्र में संघर्षविराम पर सहमति बनाना शामिल है। इसके अलावा, ईरान अब IRGC के साथ मिलकर इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक नया रजिस्ट्रेशन और प्री-अवल सिस्टम भी बना रहा है और ओमान के तट के पास ट्रैफिक सिस्टम से बचने वाले जहाजों पर लगातार हमले जारी रखे हुए है।
जहाजों की आवाजाही के आंकड़ों में बड़ा अंतर
विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक जहाजों के गुजरने के आंकड़ों में काफी विरोधाभास देखने को मिल रहा है। Lloyd's List Intelligence के आंकड़ों के अनुसार, 3 अगस्त से 9 अगस्त के बीच इस रास्ते से 78 जहाज गुजरे, जो कि पिछले हफ्ते के 95 जहाजों के मुकाबले काफी कम हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ अन्य एजेंसियों की रिपोर्ट में आंकड़े इससे भी ज्यादा डरावने हैं। Windward ने बताया कि 11 अगस्त को खत्म हुए 24 घंटों में सिर्फ 16 जहाज ही यहां से निकले, जिनमें से 6 जहाज अपनी AIS लोकेशन छुपाकर चल रहे थे। इसके अलावा ShipFinder ने 10 अगस्त को केवल 13 और Reuters ने उसी दिन सिर्फ 6 जहाजों के गुजरने की बात कही। संकट शुरू होने से पहले इस रास्ते से रोजाना औसतन 130 से 140 जहाज निकलते थे, जिसके मुकाबले मौजूदा आंकड़े बहुत ही ज्यादा कम हैं।
हालिया सैन्य घटनाएं और झड़पें
इस बीच क्षेत्र में लगातार सैन्य झड़पें और हमले भी सामने आ रहे हैं। 11 अगस्त को पनामा के झंडे वाले जहाज VELA NOVA पर एक अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर द्वारा गोलीबारी किए जाने की खबर आई। उसी दिन यमन के पास सामान्य कार्गो जहाज TIHAMAH पर भी हमला हुआ, जिसमें जहाज पर मौजूद 3 नाविकों की मौत हो गई। इस हमले की जिम्मेदारी हुती बलों ने ली है। इस बीच घरेलू स्तर पर राजनीतिक कदम उठाते हुए ईरान की संसद ने इस जलमार्ग की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक Strategic Action Plan को भी मंजूरी दे दी है, जिससे आने वाले दिनों में हालात के और अधिक तनावपूर्ण होने की आशंका बनी हुई है।